नई दिल्ली, 28 जुलाई महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के मसले पर सुप्रीम
कोर्ट ने साफ किया है
कि जिन 367 जगहों पर चुनाव की अधिसूचना पहले जारी हो चुकी थी, वहां बिना आरक्षण
के चुनाव होंगे।
उन सीटों के लिए नए सिरे से अधिसूचना जारी नहीं हो सकती है। राज्य चुनाव आयोग ने ऐसा
किया तो यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी।
दरअसल, कोर्ट को यह बताया गया कि महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग जिन 367 सीटों पर चुनाव की अधिसूचना
जारी कर चुका था वहां नए सिरे से चुनाव कराने की योजना बना रहा है। उसके बाद जस्टिस एएम खानविलकर की
अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य निर्वाचन आयोग को आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने कहा कि अगर हमारे पहले के आदेश
का पालन नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को मंजूरी दी थी। सुप्रीम कोर्ट
ने राज्य चुनाव आयोग को 2 हफ्ते में चुनाव की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आरक्षण के लिए जरूरी ट्रिपल टेस्ट पूरा हो गया है। कोर्ट ने कहा
था कि जहां चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है, उसमें बदलाव नहीं होगा।

