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ग्रेटर नोएडा, 01 अप्रैल  ग्रेटर नोएडा के सबसे पुराने कस्बे सूरजपुर और कासना के दिन जल्द बहुरेंगे।
इनको नए सिरे से मॉडर्न और डिजिटल कस्बे के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इनका
खाका तैयार कर लिया है।

आगामी बोर्ड बैठक में इन पर मुहर लग जाएगी। दोनों कस्बों के लिए 100 दिन के
भीतर कंसल्टेंट का चयन कर छह माह में डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।

सूरजपुर और कासना इस क्षेत्र के पुराने कस्बे हैं। ग्रेटर नोएडा की शुरुआत ही इन दो कस्बों से हुई है।

गौतमबुद्ध
नगर का मुख्यालय (कलेक्ट्रेट), विकास भवन, पुलिस कमिश्नर ऑफिस, जिला अदालत, जीएसटी कार्यालय आदि
सूरजपुर कस्बे की जमीन पर ही बने हैं। लगभग दो किलोमीटर एरिया में इसकी बसावट है।

स्थानीय लोग यहां की
आबादी करीब चार लाख बताते हैं। कासना भी ग्रेटर नोएडा का सबसे पुराना कस्बा है।

यहां की आबादी भी चार
लाख से अधिक बताई जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने इसे नए सिरे से विकसित करने
का निर्णय लिया है। यहां की सड़कों, गलियों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।

बाजार का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
घंटाघर चौक (सूरजपुर तिराहे) और उसके आसपास के एरिया को एंटरटेनमेंट जोन के रूप में विकसित किया
जाएगा। इसी तरह कासना का भी पुर्नउद्धार होगा।

दोनों ही कस्बों को सभी सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
सूरजपुर स्थित सभी सरकारी महकमों को सजाया जाएगा।

उनके आसपास हरियाली, पार्किंग, फुटपाथ आदि
विकसित किए जाएंगे।

समयसीमा तय की गई
सूरजपुर और कासना के नए सिरे से विकसित करने के लिए सीईओ ने टाइमलाइन भी तय कर दी है।

इन दोनों
कस्बों पुर्नउद्धार के लिए बहुत जल्द कंसल्टेंट एजेंसी चयनित की जाएगी।

दोनों कस्बों के लिए 100 दिन के भीतर
कंसल्टेंट का चयन कर छह माह में रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।

सभी अप्रूवल व टेंडर प्रक्रिया को
पूरा करते हुए 31 मार्च 2023 को इनके विकास की नींव रखी जाएगी। वर्ष 2025 तक इन दोनों को कस्बों को
विकसित करने का लक्ष्य है।

आड़े नहीं आएगी पैसों की कमी
दोनों कस्बे के सौंदर्यीकरण में पैसों की कमी आड़े नहीं आने पाएगी।

दोनों कस्बों को विकसित करने में फिलहाल
50-50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इससे अधिक खर्च हुआ तो भी प्राधिकरण पीछे नहीं
हटेगा।

दोनों कस्बों के विकास के लिए आगामी बजट में 10-10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिस पर
आगामी बोर्ड बैठक में मुहर लग जाने की पूरी उम्मीद है।

डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल होगा
सूरजपुर और कासना कस्बे के विकास की इबारत डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर लिखी जाएगी।

इसका प्लान
जीआईएस (जियोग्राफिकल इनफोर्मेशन सिस्टम) तकनीक का सहारा लेकर तैयार किया जाएगा।

कंसल्टेंट से
डिजिटल तकनीक के जरिए ही परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।

ग्रेटर नोएडा गति शक्ति पोर्टल से पहले ही
जुड़ चुका है। ऐसे में इन दो कस्बों का विकास के लिए भी इसी पैटर्न को अपनाया जाएगा।