फरीदाबाद, 22 मार्च आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में आयोजित 35वें अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला
2022 में तंजावूर पेंटिंग का स्टॉल संख्या-1116 मेला में आने वाले लोगों का खूब ध्यान आकर्षित कर रहा है।
तमिलनाडु की यह पेंटिंग शिल्प मेला में पिछले 20 वर्षों से लगातार लोगों के आकर्षण का केंद्र है। वी.पन्नीर
शेल्वम की तीन पीढियां तंजावूर पेंटिंग के पुस्तैनी कार्य के लिए काफी प्रसिद्ध हैं।
शेल्वम द्वारा भारतीय प्राचीन
देवी-देवताओं की भव्य पेंटिंग तैयार की जाती है।
इनके अलावा उपभोक्ताओं/लोगों की इच्छा अनुरूप अन्य पेंटिंग भी
तैयार की जाती हैं। इनमें छोटे आकार की पेंटिंग से लेकर बडे आकार की पेंटिंग शामिल हैं, जिनकी कीमत 6 हजार
से 8 लाख रुपये तक है।
उन्होंने बताया कि उनकी पेंटिंग्स को उत्तरी भारत में काफी पसंद किया जाता है तथा देश की राजधानी दिल्ली में
इन पेंटिंग्स की बहुत मांग रहती है।
स्टॉल के प्रभारी केशवन का कहना है कि छोटे आकार की पेंटिंग्स की देश में
ज्यादा मांग है। बड़े आकार की पेंटिंग्स की विदेशों में काफी मांग है।
यह पेंटिंग्स यूएसए, कनाडा, सिंगापुर,
मलेशिया व यूरोपियन देशों में निर्यात की जाती है।
उन्होंने बताया कि इस मेले के माध्यम से वे अपनी पेंटिग्स को
प्रमोट करते हैं,
जिससे इस मेले में आने वाले लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों में इन पेंटिंग्स के बारे में जागरूकता बढी
है।

