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गाजियाबाद, 29 सितंबर  कौशांबी थानाक्षेत्र के सेक्टर.4 में रहने वाले बुजुर्ग अनिल
सक्सैना की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग की हत्या

किसी बाहरी बदमाश ने नहीं बल्कि उनकी गोद ली गई 14 वर्षीय नाबालिग बेटी ने ही अपने प्रेमी के
साथ मिलकर की थी। हत्यारोपी बेटी और उसके प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ

के दौरान दोनों आरोपियों ने बुजुर्ग अनिल सक्सैना की हत्या करना कबूला है।

आरोपी बेटी का कहना
है कि पिता उसके प्रेमी के साथ चैटिंग करने और फोन पर बात करने का विरोध करते थे।

जिसके
चलते उसने प्रेमी संग मिलकर पिता की हत्या कर दी।

एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि सेक्टर.4 वैशाली में रहने वाले अनिल सक्सैना निजी
कंपनी से रिटायर्ड थे। वह कैंसर से पीडि़त थे।

उनकी पत्नी पिंकी दिल्ली के स्वास्थ्य मलेरिया विभाग
में जॉब करती हैं। परिवार में उनकी 14 वर्षीय एक बेटी है।

जो घटना के बाद से फरार थी। एसपी
सिटी सेेकेंड ने बताया कि देर शाम नौकरी से लौटी पिंकी ने पुलिस को अपने पति की हत्या होने की

सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को पिंकी ने बताया कि जब वह घर पहुंची तो घर का ताला
बंद मिला।

पहले उन्होंने पति अनिल सक्सैना को फोन मिलाया और जवाब न मिलने पर उन्होंने
दूसरी चाबी से घर का ताला खोला।

पिंकी ने बताया कि जब वह घर के अंदर पहुंची तो अनिल सक्सैना का शव बेड पर पड़ा हुआ था।
उनके हाथ.पांव रस्सी से बंधे थे और चेहरे आदि पर टेप चिपकी हुई थी। पुलिस ने पिंकी सक्सैना की

तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की तो हत्यारोपी बेटी पर शक गहरा गया। जांच के
दौरान पुलिस को मृतक की नाबालिग बेटी घर का ताला बंद कर एक युवक के साथ जाते हुए

सीसीटीवी कैमरे में कैद मिली। पुलिस ने जब आगे जांच की युवक की भी पहचान हो गई। एसपी
सिटी ने बताया कि तमाम सबूतों के आधार पर पुलिस ने अनिल सक्सैना की बेटी और उसके प्रेमी

राहुल कपूर चंद राठौर निवासी जलगांव महाराष्ट्र को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने
अपने जुर्म का इकबाल किया है।

एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि मृतक की 14 वर्षीय बेटी 7वीं कक्षा की छात्रा है। जब
वह मात्र पांच दिन की थी तो नि:संतान सक्सैना दंपति ने कोर्ट के जरिए उसे गोद ले लिया था।

जिसके बाद से दंपति उसकी अच्छी परवरिश कर रहा था। इसके अलावा किशोरी का 23 वर्षीय प्रेमी
राहुल कपूर 5वीं पास है और वह जलगांव महाराष्ट्र में अपना निजी धंधा करता है। हत्यारोपियों से

पूछताछ से पता चला है कि दोनों की मुलाकात करीब 7-8 माह पूर्व ऑनलाइन फायर फ्री गेम के
जरिए हुई थी। इसके बाद वह दोनों इंस्टाग्राम पर चैटिंग करने लगे। चैटिंग के दौरान दोनों ने एक

दूसरे का मोबाइल नंबर शेयर कर लिया और ऑनलाइन गूगल मीट व वीडियो कॉल के जरिए वह
लगातार संपर्क में आ गए।

प्रेमी से रोया बेटी ने दुखड़ा तो साथ ले जाने का दिया उसने भरोसा

एसपी सिटी सेकेंड की मानें तो पूछताछ में आरोपी बेटी ने बताया कि पिता को उसके प्रेमी के बारे में
जानकारी हो गई थी। प्रेमी से बातचीत करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। किशोरी ने प्रेमी

राहुल को कई बार बताया था कि वह अपने माता.पिता की गोद ली बेटी है। वह उनसे खुश नहीं है।
अक्सर उसके साथ मारपीट करते हैं। किशोरी द्वारा बार.बार दुखड़ा रोने पर आरोपी राहुल ने उसे

अपने साथ ले जाने का भरोसा दिया था। एसपी सिटी सेकेंड ने बताया कि योजना के मुताबिक राहुल
जलगांव महाराष्ट्र से बस के जरिए इंदौर आया और फिर ग्वालियर पहुंचा। यहां से वह दिल्ली आ

गया। दिल्ली के पड़पडग़ंज स्थित अंकुर होटल में रुका और 22 सितम्बर को किशोरी द्वारा दिए गए
उसके घर के पते पर पहुंच गया।

बेटी ने प्रेमी को घर में छिपाया, अनिल के आते ही कर दी हत्या
एसएचओ कौशांबी प्रभात कुमार दीक्षित ने बताया कि राहुल सुबह 11 बजे ही किशोरी के घर पहुंच

गया था। उसवक्त किशोरी घर में अकेली थी। राहुल के पहुंचने पर किशोरी ने उसे घर में छिपा लिया
था। लेकिन जब अनिल सक्सैना बाहर से घर पहुंचे तो उन्होंने राहुल को देख लिया था। राहुल का

विरोध करने पर बेटी और प्रेमी ने मिलकर पहले अनिल सक्सैना के हाथ.पांव रस्सी से बांध दिए और
फिर प्लास्टिक की पैकिंग टेप पर हाथ.पांव पर लपेट दी।

इसके बाद दोनों ने अनिल को बेड पर डाल
दिया और रस्सी से उनका गला घोटकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद भी आरोपियों ने मृतक के गले
से लेकर चेहरे तक को पैकिंग टेप मारकर ढक दिया।

सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस से खुला बेटी का राज
एसएचओ कौशांबी प्रभात कुमार ने बताया कि मृतक के घर आने व जाने के बाद आरोपी राहुल

सीसीटीवी कैमरे में कैद मिला था। वह सुबह 11 बजे उनके घर आया और फिर हत्या कर मृतक की
बेटी के साथ शाम 5 बजे जाते हुए भी दोनों कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस का कहना है कि कैमरों

से मिली फुटेज और आरोपियों के मोबाइल नंबरों से उनकी पोल खुल गई। एसएचओ ने बताया कि
पिता की हत्या के बाद किशोरी माता.पिता के एटीएम कार्ड और अपने कपड़े बैग में भरकर ले गई

थी। घटनास्थल से वह ऑटो के जरिए पहले अक्षरधाम दिल्ली पहुंचे और वहां से कैब लेकर आगरा
पहुंच गए। आगरा से दोनों बस के जरिए जलगांव महाराष्ट्र पहुंच गए थे। एसएचओ का कहना है कि

दोनों हत्यारोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की टीमें कई दिन महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों में डेरा
डाले पड़ी रही।