नोएडा, 30 जून । शहर में नालों की सफाई व बरसात से निपटने के इंतजामों की पहली ही बारिश ने
पोल खोल दी। गुरुवार को सुबह से दोपहर तक हुई तेज बारिश से शहर की मुख्य सड़के जलमग्न हो गई। नोएडा-
ग्रेनो एक्सप्रेस-वे, महामाया फ्लाईओवर और नोएडा-दिल्ली मार्ग पर जलभराव के कारण लंबा जाम रहा। राहगीर व
वाहन चालकों को तमाम परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई जगहों पर पानी भरने से वाहनों के इंजन तक बंद
पड़ गए। थोड़ी देर पानी बरसते ही सड़के जलजमाव व कीचड़ में तब्दील हो गई।
सेक्टरों के अंदर रास्तों पर भी
पानी भर गया, जिससे निवासियों को भी परेशानी हुई।
लेबर चौक पर घुटने तक पानी, खराब पड़े वाहन
शहर में लेबर चौक सबसे व्यस्त चौराहों में से एक हैं।
यहां सुबह से रात 12 बजे तक लोगों की आवाजाही लगी
रहती है। खोडा से इंडस वेली स्कूल से आगे तक सड़क पर दोनों तरह बाजार व खोडा के बाजार के कारण यहां
लोगों की काफी भीड़ रहती है। वहीं, नोएडा से दिल्ली व गाजियाबाद जाने के लिए मुख्य मार्गों में भी इसे गिना
जाता है। गुरुवार को बिसनपुरा मार्ग से लेबर चौक के आगे तक घुटनों तक पानी भरा रहा। इस दौरान पैदल या
दोपहिया वाहनों पर जो भी व्यक्ति यहां से गुजरा वह पूरी तरह पानी में भीग गया। जलजमाव के कारण कई
दोपहिया व चार पहिया वाहनों के इंजनों में पानी भर गया। इंजन बंद होने के बाद लोग वाहनों को खींचकर ले जाते
भी नजर आए। यहां हर बार बरसात के दिनों में जलभराव होता है। पानी भरने का कारण सड़क के दोनों और
निकासी के प्रबंध न होना और खोड़ा के मार्ग सड़क से ज्यादा ऊपर होना हैं, इससे वहां का पानी भी सड़क पर आ
जाता है।
औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव, देरी से दफ्तर पहुंचे लोग
सेक्टर-63 शहर के सभी औद्योगिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यहां सैकड़ों कंपनियां, कारखाने व
कई मीडिया हाउस भी हैं। औद्योगिक सेक्टर होने के चलते नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली समेत अन्य प्रदेशों व जिलों
के लाखों लोग काम के सिलसिले से यहां आते हैं।
जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था न होने से सेक्टर-63 के
विभिन्न ब्लॉकों में जलभराव रहा। सबसे ज्यादा हालात डी ब्लॉक के खराब रहे। सड़क पर जलभराव के कारण
वाहन रेंगते नजर आए। दो पहिया वाहन चालकों की तो पानी में वाहन उतारने तक की हिम्मत नहीं हुई। जलभराव
के चलते लोग देरी से अपने कार्यालय पहुंचे। कई लोगों का तो दफ्तर पहुंचने से पहले बारिश व जलभराव से
हुलिया ही बदल गया, जिसके बाद उन्होंने वापस घर जाने का फैसला कर लिया।
जिला अस्पताल परिसर में कदम रखने तक की जगह नहीं रही
सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल परिसर में पानी भरने से कदम रखने तक की जगह नहीं रही। मुख्य द्वार से
ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड तक अस्पताल परिसर में पानी भरा रहा। इसकी वजह से बहुत कम मरीज इलाज कराने
के लिए पहुंचे। कई कर्मचारी भी बारिश के कारण अस्पताल नहीं आए।
ओपीडी में चिकित्सकों की संख्या भी बेहद
कम रही। इतना ही नहीं लगातार बारिश के कारण अस्तपाल की पैथोलॉजी लैब समेत कई वार्डों से पानी टपकता
रहा, इससे मरीजों व स्टाफ में भी डर बना रहा। पानी को फर्स पर फैलने से रोकने के लिए बाल्टी समेत अन्य
साधन प्रयोग किया गए। टीकाकरण कक्ष में भी काफी कम लोग रहे।
परिसर में बारिश से बचने के लिए लगी टीन
शेड भी बेदम साबित हुई। जलजमाव के कारण लोगों ने अस्पताल का रुख करने से परहेज किया।
कर्मचारियों व
चिकित्सकों तक के जूतों में पानी भर गया।
मुख्य मार्गों पर जलभराव से घंटों जाम में फंसे रहे चालक
बारिश से शहर के अंदर की सड़के ही नहीं, बल्कि मुख्य मार्ग पर भी जलमग्न रहे।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे,
चिल्ला बॉर्डर समेत अन्य मुख्य मार्गों पर जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
सड़कों पर वाहन
रेंगते नजर आए। नोएडा एक्सप्रेस-वे से दिल्ली की ओर जाते वक्त दलित प्रेरणा स्थल के पास तीन किमी लंबा
जाम लगा रहा। सड़क पर पानी भरने के कारण कई वाहन खराब होकर बंद पड़ गए, जिससे पीछे वाले वाहनों को
रास्ता ही नहीं मिला। चालक हरबीर ने बताया कि सड़क पर जगह-जगह पानी भरा है।
निकासी के पुख्ता साधन
नहीं है। इंजन में पानी जाने के कारण उनकी गाड़ी बंद पड़ गई है।
वह न तो वाहन को साइड कर सकते हैं और न
ही किसी की मदद से उसे यहां से लेकर जा पा रहे हैं।
वहीं, जाम के दौरान कई बार चालकों के बीच कहासुनी भी
होती रही। इसके अलावा अन्य सड़कों पर भी लोग जाम के झाम से जूझते रहे।

