ग्रेटर नोएडा, 31 जुलाई संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सदर तहसील पर भारतीय किसान यूनियन के
सदस्यों ने महापंचायत की।
आरोप लगाया कि सदर तहसील के अधिकारी व कर्मचारी किसानों का कार्य नहीं करते
हैं। किसानों का फोन तक नहीं उठाते हैं।
किसान व अन्य लोग तहसील का चक्कर लगाने को विवश होते हैं।
किसानों के बीच पहुंचकर एसडीएम अंकित कुमार ने उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हल कराने का आश्वासन
दिया।
किसानों ने सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। पंचायत की अध्यक्षता महाराज सिंह व संचालन पवन खटाना
ने किया।
किसानों ने मांग की कि एमएसपी गारंटी कानून को अमल में लाने की दिशा में पहल की जाए। स्वामीनाथन
आयोग की रिपोर्ट को केंद्र सरकार लागू करे। किसानों ने कहा कि सात राज्य सूखे और कई राज्य बाढ़ की चपेट में
हैं। ऐसे में फसलें चौपट हो गई हैं, किसानों के नुकसान का आकलन कर तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। मांग
की कि अग्निपथ योजना से सेवानिवृत्त जवानों को देश की अन्य एजेंसियां जैसे पुलिस, अर्धसैनिक बलों में
प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाए। देश में अलग से किसान आयोग का गठन किया जाए। साथ ही मांग की
कि किसानों को मुफ्त बिजली दी जाए और कीटनाशक सहित अन्य क्षेत्रों में किसानों के नाम पर उद्योगों को दी
जा रही सब्सिडी सीधे किसानों को दी जाए। इस अवसर पर अनित कसाना, सुरेंद्र नागर, बेली भाटी, सुनील प्रधान,
अजीत, विनोद शर्मा, ज्ञानी, जीते, प्रमोद, रविद्र, धनीराम नागर
, रजनीकांत अग्रवाल, विश्वास नागर रोबिन नागर,
महेश खटाना, बलजीत सहित अन्य लोग मौजूद थे।

