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लालकुआं। रेल प्रशासन द्वारा हल्द्वानी में रेल भूमि से अतिक्रमण हटाने से पूर्व लालकुआं की नगीना कॉलोनी में सैकड़ों घरों में नोटिस चस्पा करते हुए 15 दिन के भीतर स्वयं निर्माण कार्य हटा लेने की सख्त हिदायत देते हुए समयावधि बाद

अतिक्रमण हटाते हुए उसमें आने वाले खर्चे की वसूली उक्त कब्जा धारक से करने की चेतावनी दी गई है।
रेलवे सुरक्षा बल के प्रभारी निरीक्षक तरुण वर्मा, तहसीलदार लालकुआं सचिन कुमार, जीआरपी पुलिस और सिविल पुलिस

के साथ नगीना कॉलोनी पहुंचे रेल विभाग के अधिकारियों ने सभी कॉलोनीवासियों के घरों में नोटिस चस्पा करते हुए

हिदायत दी कि वह 15 दिन के भीतर अपने निर्माण स्वयं हटा लें, अन्यथा रेल विभाग अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उक्त अतिक्रमण कारी के खर्चे से करेगी। जिसकी बाकायदा वसूली की जाएगी।

इस अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल के प्रभारी निरीक्षक तरुण वर्मा ने बताया कि लालकुआं रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण के लिए अभिलंब भूमि की आवश्यकता है, जिसको देखते हुए जिला प्रशासन से अनुमति लेकर उक्त अतिक्रमण हटाने की

कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो अतिक्रमणकारी अपना अवैध निर्माण स्वयं हटा लेता है तो वह होने वाले नुकसान से बच जाएगा। उन्होंने बताया कि रेल पटरी से लेकर सेंचुरी पेपर मिल की दीवार तक सभी अतिक्रमण हटाए

जाएंगे।
विदित रहे कि लालकुआं स्थित नगीना कॉलोनी गत 40 वर्ष पूर्व से बसी हुई है।

जिसमें 300 से अधिक परिवार निवास करते हैं। आज रेल विभाग ने जिला प्रशासन समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियों के साथ कॉलोनी की दीवारों में नोटिस चस्पा करते हुए

क्षेत्रवासियों को अभिलंब घर खाली करने की हिदायत दी। रेल प्रशासन द्वारा अचानक की गई इस कार्रवाई से कॉलोनीवासियों में हड़कंप मच गया है।

बताते चलें कि लालकुआं की नगीना कॉलोनी को रेल विभाग द्वारा अतिक्रमण बताते हुए इससे पूर्व में भी कई मर्तबा नोटिस दिए जा चुके हैं। जिसके चलते इस कॉलोनी के वाशिंदों को हरसमय बेघर होने का खौफ सताता रहता है। लोगों का कहना

है कि वह बीते चार पांच दशक से यहां स्थायी रूप से रह रहे हैं। प्रशासन द्वारा भी उन्हें बिजली, पानी व सड़क आदि सभी जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती रही हैं।

ऐसे में रेल विभाग द्वारा उन्हें अचानक हटाए जाने का फरमान सुनाया जाना समझ से परे है। उनका कहना है कि लालकुआं में रेल विभाग की भूमि पर जगह-जगह नये कब्जे किए जा रहे हैं लेकिन रेलवे उनकी अनदेखी कर रहा है।

लेकिन दशकों से बसी कॉलोनी को उजाड़ने पर तुला हुआ है। जो न्यायसंगत नहीं है और वह रेल विभाग के इस तानाशाही पूर्ण रवैये का डटकर विरोध करेंगे।