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शिकारपुर : नगर के सूरजभान सरस्वती विद्या मन्दिर इन्टर कॉलेज में मनाया गया हिन्दी दिवस का कार्यक्रम का प्रारंभ सर्वप्रथम मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन किया गया कार्यक्रम के संयोजक हरकेश कुमार मीणा एवं

मुख्य वक्ता हिंदी विभाग के वरिष्ठ आचार्य राम सिंह जी तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता रहे हिन्दी दिवस के अवसर पर मुख्य वक्ता ने बताया कि 14 सितंबर को पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है

सरकारी विभागों में हिंदी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं साथ ही हिंदी प्रोत्साहन सप्ताह का भी आयोजन किया जाता है मुख्य वक्ता ने बताया कि हिंदी भारत में सबसे ज्यादा बोलने वाली भाषा है और इसे 14 सितंबर 1949 को

संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया हिन्दी के महत्व को बताते हुए और इसके प्रचार-प्रसार के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर तथा हिंदी को प्रत्येक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए वर्ष 1953 ई से प्रतिवर्ष 14

सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जा रहा है हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करने वाले हिन्दी के महान श्रेष्ठ कवि एवं लेखक काका कालेलकर, हजारी प्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविंद दास, आदि साहित्यकारों के साथ व्योहार राजेंद्र

सिंह, मौजूद रहे जिन्होंने हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान दिया बताया जाता है कि देश के 77% लोग हिंदी लिखते पढ़ते बोलते और समझते हैं हिन्दी उनके कामकाज का मूल ऐसा है देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने

कहा था कि इस दिन के महत्व को देखते हुए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस का कार्यक्रम मनाया जाएगा सन 1918 ईस्वी में हिंदी साहित्य सम्मेलन में भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा पहल की थी तथा

महात्मा गांधी ने हिन्दी भाषा को जनमानस की भाषा भी बताया 14 सितंबर 1949 को काफी विचार-विमर्श के उपरान्त यह निर्णय लिया गया कि हिन्दी को संविधान के भाग-17 अध्याय तथा अनुच्छेद 343 (1)के तहत बताया गया कि राष्ट्र की

भाषा हिंदी देवनागरी लिपि में होगी एवं सरकारी कामकाज अपनी हिंदी भाषा में ही किया जाएगा तब से आज भी भारत में हिंदी भाषा में संपूर्ण सरकारी कामकाज अपनी राष्ट्रभाषा में ही किया जाता है अन्त में विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार

गुप्ता ने बताया की हिंदी हमारे जीवन की मूल भाषा है और हमें अपनी मूल भाषा का प्रयोग करना चाहिए और हमें गर्व होना चाहिए कि हम अपने मातृभाषा का प्रयोग अपने जीवन में करते आ रहे है हिन्दी हमारे देश की शान है और हमारे

गौरव का अभिमान है हिन्दी का करो सम्मान यही हमारे देश की पहचान के साथ अपनी वाणी को विराम दीया इस मौके

पर विद्यालय के आचार्य मनोहर लाल सिंह, विपिन कुमार शर्मा, अनुज कुमार शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, सुधांशु गुप्ता, प्रेम

बाबू सिंह, विनोद कुमार, कनिका गुप्ता, पूजा शर्मा, कीर्ति गोयल, नीरज शर्मा, एवं आदि समस्त स्टाफ मौजूद रहा ।