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मुम्बई, 09 मार्च  विदेशी बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच ऊर्जा, रिएल्टी और वाहन समूहों में
हुई भारी लिवाली से घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन तेज छलांग लगाकर बुधवार को हरे निशान में बंद हुये।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 2.29 प्रतिशत यानी 1,223 अंक की भारी बढ़त के साथ 54,647 अंक
पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.1 प्रतिशत यानी 332 अंक की तेजी के साथ 16345 अंक पर बंद
हुआ।

बीएसई की मंझोली और छोटी कंपनियों में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया जिससे बीएसई का मिडकैप 2.37
प्रतिशत और स्मॉलकैप 2.16 प्रतिशत की तेजी में बंद हुआ। बीएसई का कुल 2,657 कंपनियों में तेजी रही जबकि
684 कंपनियों को ही बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 25 कंपनियां हरे निशान में रहीं और पांच कंपनियां लाल निशान में रहीं। एशियन
पेंट्स सेंसेक्स की सबसे कमाऊ कंपनी रही। एशियन पेंट्स के अलावा रिलायंस और बजाज फाइनेंस के शेयरों के
दाम में भी पांच फीसदी से अधिक का उछाल देखा गया।

निफ्टी की 50 में से 40 कंपनियां बढ़त में और शेष 10 गिरावट में रहीं। निफ्टी मीडिया और रिएल्टी में सर्वाधिक
तेजी रही।

एशियन पेंट्स, रिलायंस, बजाज फाइनेंस, इंडसइंड बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा निफ्टी में सर्वाधिक बढ़त हासिल
करने वाली पांच शीर्ष कंपनियां रहीं।

विदेशी बाजारों में बाजार मिलाजुला है। जापान के निक्के ई और हांगकांग के हैंगशैंग में जहां गिरावट देखी गयी
वहां यूरोपीय बाजारों में ब्रिटेन का एफटीएसई और जर्मनी का डैक्स तेजी में खुला।

एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति के नाटो में शामिल होने पर जोर
न देने के बयान से बाजार की स्थिति संभली है।

कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने और चुनावी सर्वेक्षण के नतीजे के निवेश धारणा के अनुकूल रहने से बाजार
को राहत मिली है।

ट्रेडिंगो के संस्थापक पार्थ नयति के मुताबिक चुनावी नतीजों का असर अगले एक दो शेयर बाजार पर रहेगा और
निवेश धारणा भारतीय जनता पार्टी के दोबारा सत्ता में आने से सकारात्मक रहेगी।