गाँव में राधा नाम की एक लड़की रहती थी। राधा की उम्र करीब 18 साल थी।

वह बहुत ही मेहनती और समझदार थी।
उसका परिवार बहुत गरीब था, और उनके पास ज़्यादा पैसे नहीं थे। राधा रोज़ सुबह जल्दी उठकर अपने घर का सारा काम करती थी। वह खाना बनाती, सफाई करती और अपने छोटे भाई-बहनों का ख्याल रखती।
राधा की माँ बहुत बीमार रहती थी, इसलिए घर का सारा बोझ राधा के कंधों पर आ गया था। एक दिन, राधा चूल्हे पर खाना बना रही थी। उसके चेहरे पर हल्की सी उदासी थी, लेकिन उसकी आँखों में हिम्मत और उम्मीद की चमक थी। उसे पता था कि हालात चाहे जैसे भी हों, उसे हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
राधा के पड़ोस में एक स्कूल था, लेकिन वह कभी स्कूल नहीं जा पाई। उसे पढ़ने का बहुत शौक था। जब भी उसे समय मिलता, वह अपने पड़ोस के बच्चों से किताबें उधार लेकर पढ़ती थी। राधा का सपना था कि वह पढ़-लिखकर कुछ बड़ा करे, ताकि उसके परिवार को गरीबी से छुटकारा मिल सके।
एक दिन गाँव में एक नई टीचर आई। उसने राधा की मेहनत और उसकी पढ़ाई के प्रति लगन को देखा। उसने राधा की मदद करने का निश्चय किया और उसे मुफ्त में पढ़ाने लगी। राधा ने भी अपने काम के बाद पढ़ाई के लिए समय निकालना शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे राधा ने पढ़ाई में बहुत अच्छा प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। कुछ सालों बाद, राधा ने गाँव की स्कूल में सबसे अच्छे अंक प्राप्त किए और उसका चयन शहर के बड़े स्कूल में हो गया। उसकी मेहनत और लगन ने उसे वहाँ तक पहुँचाया, जहाँ वह कभी सपने में भी नहीं सोच सकती थी।
राधा की कहानी से हमें ये सिखने को मिलता है कि मेहनत और लगन से हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर हमारे अंदर कुछ कर दिखाने की चाहत और हिम्मत हो, तो हम अपने सपनों को जरूर पूरा कर सकते हैं। किया जिससे आपकी जिंदगी बदल गई?


