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कीर्ति आज़ाद का मोदी पर हमला: ‘गटर से गैस’ बयान और बढ़ते LPG संकट पर राजनीतिक टकराव

भारत की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। Kirti Azad, जो All India Trinamool Congress के सांसद हैं, ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के 2017 के एक पुराने बयान “गटर से गैस” को याद दिलाते हुए सरकार पर निशाना साधा है।

उनका कहना है कि आज जब देश में LPG की कीमतें बढ़ रही हैं और कई जगह सप्लाई की दिक्कतें सामने आ रही हैं, तब उस समय किए गए वादों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

2017 का “गटर से गैस” बयान क्या था?

2017 में एक कार्यक्रम के दौरान Narendra Modi ने एक उदाहरण देते हुए कहा था कि वैज्ञानिक और तकनीक की मदद से “गटर से भी गैस निकाली जा सकती है”।

इसका संदर्भ था:

  • कचरे या जैविक अपशिष्ट से बायोगैस बनाना

  • घरेलू ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना

  • आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना

सरकार का उद्देश्य था कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने और गैस उत्पादन बढ़े।

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उस समय लोगों की प्रतिक्रिया

यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों और मीडिया में चर्चा शुरू हो गई थी।

कुछ लोगों ने इसे:

  • नवाचार और ऊर्जा समाधान का उदाहरण बताया

जबकि विपक्ष ने इसे:

  • “बड़ी बातें, कम परिणाम” कहकर आलोचना की

अब लगभग आठ साल बाद विपक्ष इस बयान को फिर से उठाकर सरकार की वर्तमान ऊर्जा नीतियों पर सवाल उठा रहा है।

कीर्ति आज़ाद का तंज

हाल ही में संसद में बोलते हुए Kirti Azad ने कहा कि अगर “गटर से गैस” की बात सच होती, तो आज लोगों को महंगे LPG सिलेंडर के लिए परेशान नहीं होना पड़ता।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि:

  • आज गैस सिलेंडर महंगे हैं

  • कई जगह सप्लाई की समस्या है

  • आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है

उनका आरोप है कि सरकार के बड़े वादे और जमीन पर वास्तविक स्थिति में अंतर दिखाई देता है।

Kirti Azad seeks PM's intervention in DDCA row - The Economic Times

LPG की बढ़ती कीमतें

भारत में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है।

14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत कई शहरों में:

  • लगभग ₹1100–₹1200 तक पहुंच चुकी है

  • कुछ जगहों पर इससे भी ज्यादा कीमत देखने को मिलती है

इसके पीछे मुख्य कारण बताए जाते हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें

  • गैस आयात पर निर्भरता

  • परिवहन और वितरण लागत

उज्ज्वला योजना पर भी बहस

सरकार की प्रमुख योजना Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के तहत गरीब परिवारों को LPG कनेक्शन दिए गए।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

  • 10 करोड़ से अधिक परिवारों को कनेक्शन मिला

लेकिन आलोचकों का कहना है कि:

  • कई परिवार नियमित रूप से सिलेंडर रिफिल नहीं करा पाते

  • वजह है बढ़ती कीमतें

सरकार का तर्क है कि योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाई है।

Kirti Azad seeks PM's intervention in DDCA row - The Economic Times

सरकार का जवाब

सरकार और भाजपा नेताओं का कहना है कि:

  • LPG कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का बड़ा असर होता है

  • सरकार जरूरत पड़ने पर सब्सिडी देती है

  • गरीब परिवारों के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं

सरकार यह भी कहती है कि भारत को ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई स्रोतों पर काम करना पड़ता है।

राजनीति पर असर

ऊर्जा और महंगाई के मुद्दे भारतीय राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं।

विपक्ष इस मुद्दे को चुनावी बहस का हिस्सा बना रहा है, जबकि सरकार अपनी योजनाओं और नीतियों को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।

इस तरह के बयान और जवाबी हमले आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को और तेज कर सकते हैं।

Kirti Azad द्वारा “गटर से गैस” वाले पुराने बयान को उठाना केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह महंगाई और ऊर्जा नीति पर चल रही बड़ी बहस का हिस्सा है।

मुख्य सवाल यही है:

  • क्या ऊर्जा नीतियां आम लोगों के लिए सस्ती और स्थिर गैस सुनिश्चित कर पा रही हैं?

भारत जैसे बड़े देश में ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू ईंधन की उपलब्धता भविष्य की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित करती रहेगी।

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