इंडिया सावधान न्यूज़
लखनऊ बदायूँ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री रामकेश निषाद की मौजूदगी में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव तथा जनपद के नोडल अधिकारी अभिषेक प्रकाश,
भारत सरकार के संयुक्त सचिव अनूप मिश्र, जलशक्ति अभियान के तकनीकी अधिकारी कमलेश ओझा के साथ सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, जिलाधिकारी दीपा रंजन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ ओ पी सिंह आदि अन्य संबंधित
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने 1 से 7 जुलाई तक चलने वाले वृक्षारोपण महाअभियान 2022 के तहत बरेली रोड स्थित बाल एवं युवा वन फौजी पड़ाव में वृक्षारोपण किया।
इस मौके पर रामकेश निषाद ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण में हम सबसे काफी चूक हुई है, प्रकृति और संस्कृति के साथ खिलवाड़ हुआ है। नदी तालाब कुआं वृक्ष आदि की महत्वता को नहीं समझा। हमारी जरूरतें वृक्षों से ही
पूरी होती हैं। वृक्ष हमारा संरक्षण करते हैं। आज हम आधुनिकता की ओर चले गए अपने वृक्षों को भूले। लेकिन याद रखना चाहिए कि वृक्षों का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है।
वृक्षारोपण के प्रचार अभियान में भी भागीदारी करें। वृक्षारोपण अभियान में सभी लोग लगकर भागीदारी निभाएं।
अभिषेक प्रकाश ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण का कार्य किसी एक दिन का कार्य नहीं होता है।
एक सतत और निरंतर प्रक्रिया है मानसून का समय वृक्षारोपण के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त समय माना जाता है।
वृक्षारोपण के समय वृक्ष की एक नवजात शिशु की तरह देखभाल करनी होती है। पौधों को वृक्ष बनने में वर्षों का समय लगता है लेकिन शुरुआती छह माह बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।
जब वृक्ष 5 वर्ष की आयु में आ जाता है तो वह स्वयं ही आगे बढ़ता है। ऑक्सीजन की जीवन में कितनी आवश्यकता है यह हम सभी जानते थे लेकिन कोविड-19 में हमने यह देखा भी है और सुना भी है।
विभिन्न प्रकार के वृक्ष विभिन्न प्रकार के लाभों को प्रदान करते हैं कुछ फल देते हैं कुछ फूल देते हैं औ कुछ छांव देते हैं और कुछ हवा देते हैं।
भारत सरकार में अब वृक्षों को काटने की नीति समाप्त कर दी है यदि अगर वृक्ष काटने भी होते हैं तो उसके पहले 125 प्रतिशत वृक्ष लगाए जाते हैं। जिस कंपनी के द्वारा यह काम किया जाता है तो उसके डीपीआर में यह शामिल रहता है।
अगर जनपद से गंगा एक्सप्रेस से गुजर रहा है तो जनपद में 25 प्रतिशत पेड़ भी अधिक ही लगेंगे।
डीएम ने कहा कि
इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश में 35 करोड़ वृक्ष एवं जनपद में लगभग 54 लाख वृक्षों का रोपड़ 15 अगस्त तक किया जाएगा। 54 लाख वृक्षों के सापेक्ष 40 लाख वृक्षों को एवं इसके अतिरिक्त अगले 2 दिनों में 4 लाख वृक्षों एवं बाकी वृक्षों
को 15 अगस्त तक लगाया जाएगा। वृक्षों को केवल लगाना ही नहीं है बल्कि इनका संरक्षण एवं संवर्धन भी करना है। यदि हम सब संकल्प लें कि हम लोग प्लास्टिक में कोई भी सामान लेकर नहीं आएंगे
घर से बाहर निकलते समय एक छोटा सा थैला साथ मे रख लें जो कुछ भी लाना हो उसी थैले में ही लाएं बहुत हद तक प्लास्टिक को सड़कों नालियों तालाबों में जाने से रोक पाएंगे प्लास्टिक प्रदूषण का कारण बन गया है जो नष्ट नहीं होता है
किसी न किसी रूप में हम इसका उपयोग करते ही हैं। जिससे जल भूमि मृदा एवं वातावरण प्रदूषित होता है। दूसरा संकल्प जल संरक्षण का ले हम पानी को बर्बाद ना करेंगे ना होने देंगे।
वरना ऐसा भी हो सकता है कि बोरिंग के लिए जमीन में पाइप डाला जाए और पानी ही ना निकले क्योंकि ऐसा हमारे देश में हो चुका है। इसलिए नियमित रूप से हम सब वृक्षारोपण जल संरक्षण करें।

