Untitled design 2022 08 29T010343.055

नई दिल्ली, 28 अगस्त  ट्विन टावर को गिराए जाने के चलते दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने
की आशंका कम है।

मौसम विज्ञानियों का मानना है कि हवा की दिशा दूसरी ओर होने के चलते टावर के गिरने से
उठी धूल के दिल्ली की ओर आने की संभावना कम है।

नोएडा में अनियमित तरीके से बनाए गए ट्विन टावर को रविवार को ढहा दिया गया। इन दोनों इमारतों के गिरने
के साथ ही धूल का बड़ा बवंडर उठता देखा गया। इसके चलते आशंका जताई जाने लगी कि इस धूल के चलते

राजधानी की वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। धूल के कण दिल्ली के वातावरण में भी बैठ सकते हैं।
हालांकि, मौसम विज्ञानियों ने इस आशंका से इनकार किया है। मौसम निगरानी संस्था स्काईमेट के विज्ञानी महेश

पालावत ने बताया कि हवा की दिशा उत्तर पश्चिम यानी अलग होने के चलते इस धूल के दिल्ली की तरफ आने की
संभावना कम है। सोमवार को दिल्ली की हवा पूर्वी दिशा से होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार कम

रहने का अनुमान है। इन कारकों की वजह से धूल से दिल्ली की हवा खराब होने की आशंका कम है।