गुरुग्राम, 14 अप्रैल । रिश्वत लेने के आरोपित पुलिसकर्मी बृहस्पतिवार दोपहर जेल भेज दिए गए। दोनों
से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
जल्द ही क्राइम ब्रांच में तैनात एक एएसआइ स्टेट
विजिलेंस ब्यूरो की गिरफ्त में होगा। उसकी तलाश में ब्यूरो की टीम लगातार दबिश दे रही है।
खेड़कीदौला थाने में तैनात कांस्टेबल शक्ति सिंह को 10 अप्रैल की शाम हीरो होंडा चौक के नजदीक से डेढ़ लाख
रुपये की रिश्वत लेते हुए स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था।
उसे 11 अप्रैल को अदालत में पेश कर
पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया था।
रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद उसे बृहस्पतिवार को अदालत में
पेश कर दिया गया। पूछताछ के मुताबिक धाेखाधड़ी के आरोप में जेल में बंद झज्जर निवासी कुलदीप का केस
कमजोर करने और छोड़ने के नाम पर उसके दोस्त से 15 लाख रुपये मांगे थे।
टोकन राशि के रूप में डेढ़ लाख रुपये लेने के लिए हीरो होंडा चौक पर पहुंचा था।
रिश्वत की मांग उसने क्राइम
ब्रांच की मानेसर टीम में तैनात एएसआइ रामचंदर के कहने पर की थी।
इसे देखते हुए रामचंदर की तलाश तेज
कर दी गई है। रामचंदर की गिरफ्तार से साफ होगा कि मामले में कोई और तो शामिल नहीं।
इधर, धोखाधड़ी के पैसे वापस दिलाने के नाम पर सात हजार रुपये की रिश्वत लेते बुधवार शाम गिरफ्तार
बादशाहपुर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को भी बृहस्पतिवार दोपहर अदालत में पेश कर दिया गया,
जहां से न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया।
पिछले एक सप्ताह के दौरान रिश्वत लेने के मामले में
दो पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी से महकमे में हलचल मचा हुआ है।
क्राइम ब्रांच की मानेसर टीम में तैनात एएसआइ रामचंदर की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश दी जा रही है।
जल्द ही वह गिरफ्त में होगा। लोगों से बार-बार अपील है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे
तो सूचना स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दें।
-बलवान सिंह राणा, डीआइजी, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो, गुरुग्राम रेंज

