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लखनऊ कैबिनेट बैठक: योगी आदित्यनाथ सरकार के बड़े फैसले, UP की नीतियों में अहम बदलाव

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक को UP के भविष्य के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। 24 करोड़ से अधिक आबादी वाले देश के सबसे बड़े राज्य में ऐसी बैठकों से ही यह तय होता है कि सड़कें बनेंगी या नहीं, नौकरियां बढ़ेंगी या नहीं और आम लोगों की ज़िंदगी कितनी आसान होगी।

चुनावी माहौल के बीच और तेज़ विकास के लक्ष्य के साथ हुई इस बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, प्रशासनिक सुधार और सामाजिक कल्याण पर बड़े फैसले लिए गए। आइए, इन निर्णयों को आसान भाषा में समझते हैं।

अहम नीतिगत फैसले और मंज़ूरियां

बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

कैबिनेट ने UP की कनेक्टिविटी मज़बूत करने के लिए कई बड़ी योजनाओं को मंज़ूरी दी।

  • लखनऊ–गोरखपुर एक्सप्रेसवे:
    लगभग 300 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे यात्रा समय आधा कर देगा और ग्रामीण इलाकों में रोज़गार बढ़ाएगा।

  • नोएडा के पास औद्योगिक कॉरिडोर:
    500 एकड़ में फैला यह प्रोजेक्ट करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करेगा, खासकर टेक कंपनियों को।

इन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए SPV (स्पेशल पर्पज़ व्हीकल) बनाए जाएंगे, ताकि फंड और कामकाज में देरी न हो। लक्ष्य है कि अधिकतर काम 2027 तक पूरे हों।

राज्य के क़ानूनों में अहम संशोधन

  • भूमि उपयोग नियमों में बदलाव:
    अब खेती की ज़मीन को उद्योग के लिए बदलने की प्रक्रिया तेज़ होगी—महीनों की जगह हफ्तों में मंज़ूरी।

 

UP CM Yogi Adityanath to chair state cabinet meeting in Lucknow today –  ThePrint – ANIFeed

  • श्रम क़ानूनों में राहत:
    50 से कम कर्मचारियों वाली इकाइयों के लिए नियम सरल किए गए, ताकि छोटे उद्योग आसानी से खुल सकें।

  • ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स:
    पर्यावरण मंज़ूरी की प्रक्रिया आसान की गई, खासकर सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए।

सरकार का अनुमान है कि इन सुधारों से अगले दो साल में 20,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आएगा।

आर्थिक विकास और निवेश पर फोकस

उद्योगों के लिए प्रोत्साहन पैकेज

योगी सरकार UP को उद्योगों का बड़ा केंद्र बनाना चाहती है।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (आगरा, कानपुर):
    1,000 नौकरियां देने वाली कंपनियों को 5 साल तक टैक्स में राहत।

  • सोलर एनर्जी (बुंदेलखंड):
    लागत का 30% तक सब्सिडी।

  • स्टार्टअप्स:
    5% ब्याज पर लोन सब्सिडी, चुनिंदा इंडस्ट्रियल पार्क में पहले साल मुफ्त बिजली।

हाल ही में जापान और अमेरिका समेत कई देशों की कंपनियों से 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

Ease of Doing Business में सुधार

  • सिंगल विंडो सिस्टम और तेज़:
    अब ज़्यादातर परमिट 15 दिन में ऑनलाइन मिलेंगे।

  • बिजली कनेक्शन:
    फैक्ट्रियों को एक हफ्ते में कनेक्शन देने का लक्ष्य।

  • नए नियम:
    जनवरी 2026 से लागू होंगे, देर करने पर जुर्माना।

इन सुधारों से UP की राष्ट्रीय रैंकिंग और बेहतर होने की उम्मीद है।

Up Double Engine Government Is Becoming The Charioteer Of Farmers In  Reducing The Cost Of Farming

शासन और प्रशासनिक सुधार

 जनसेवाओं में सुधार के निर्देश

  • अस्पतालों में 30 मिनट से कम वेटिंग टाइम का लक्ष्य

  • मार्च तक 90% टीकाकरण कवरेज

  • 50 जिलों में स्मार्ट क्लास

  • शहरों में 24×7 बिजली, गांवों में सोलर बैकअप

  • शिकायतों के लिए नया डिजिटल ऐप

हर विभाग की तिमाही समीक्षा होगी, लापरवाही पर कार्रवाई तय है।

अफसरों की नियुक्ति और फेरबदल

  • सड़क विभाग में नया सचिव

  • शिक्षा विभाग में IAS अधिकारियों की अदला-बदली, खास फोकस बालिकाओं की शिक्षा पर

  • पुलिस में 5,000 नई भर्तियों को मंज़ूरी

सामाजिक कल्याण और वित्तीय फैसले

 किसानों के लिए बड़ी राहत

  • गेहूं MSP: 10% बढ़कर ₹2,300 प्रति क्विंटल

  • 1,000 नए खरीद केंद्र

  • बीज और उपकरणों पर ₹2,500 करोड़ की सब्सिडी

  • फसल बीमा क्लेम अब दिनों में निपटेंगे

पिछले साल 50 लाख से ज़्यादा किसान बीमा योजना से जुड़े थे।

UP Prayagraj Mahakumbh CM Yogi Adityanath Cabinet Meeting soon for big  decisions महाकुंभ में होगी योगी कैबिनेट बैठक, बड़ा फैसला लेने की तैयारी में  यूपी सरकार, Uttar-pradesh Hindi News ...

सामाजिक योजनाओं की प्रगति

  • PM आवास योजना: 2 लाख घर पूरे, 2026 तक 2.5 लाख का लक्ष्य

  • स्किल डेवलपमेंट: 3 लाख युवाओं को ट्रेनिंग, 70% प्लेसमेंट

  • स्वच्छ जल मॉडल (वाराणसी): 80% घरों तक साफ पानी, अब दूसरे जिलों में लागू

UP के लिए आगे का रास्ता

लखनऊ में हुई यह कैबिनेट बैठक योगी आदित्यनाथ सरकार की तेज़ विकास, निवेश बढ़ाने और जनकल्याण की रणनीति को साफ दिखाती है।
एक्सप्रेसवे, उद्योग, प्रशासनिक सुधार और किसानों–युवाओं पर फोकस—ये सभी UP को तेज़ी से आगे ले जाने की कोशिश हैं।

अब नज़र रहेगी कि ये फैसले ज़मीन पर कितनी जल्दी उतरते हैं।
आपको इनमें से कौन सा फैसला सबसे ज़्यादा असरदार लगता है?
UP की बदलती कहानी पर नज़र बनाए रखें।