राजस्थान पहुंचा यूपी पुलिस का काफिला अतीक अहमद ने कहा ये मेरी हत्या करना चाहते हैं
यूपी पुलिस की एसटीएफ टीम का काफिला साबरमती से अतीक को यूपी लाने के लिए सड़क के रास्ते ले आ रही है। साबरमती से प्रयागराज आने में तकरीबन 40 घंटे का समय लगेगा, इस बीच काफिला तकरीबन 1300 किमी का सफर पूरा करेगा।
प्रयागराज के बहुचर्चित उमेश पाल अपहरण कांड मामले में पेशी के लिए माफिया अतीक अहमद को साबरमती सेंट्रल जेल से उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। यूपी पुलिस की एसटीएफ टीम का काफिला साबरमती से अतीक को यूपी लाने के लिए सड़क रास्ते का प्रयोग कर रहा है।
साबरमती से प्रयागराज आने में तकरीबन 40 घंटे का समय लगेगा, इस बीच काफिला तकरीबन 1300 किमी का सफर पूरा करेगा। सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए काफिले में 6 गाड़ियां शामिल की गई हैं। उमेश पाल हत्याकांड मामले में 28 मार्च को कोर्ट में सुनवाई है, सुनवाई के दौरान अतीक को पेशी पर लाने की जिम्मेदारी यूपी पुलिस को मिली है।
मेरी हत्या करना चाहती है यूपी पुलिस: अतीक
साबरमती जेल से निकलने के बाद अतीक को जब यूपी पुलिस की वैन में बिठाया जा रहा था, तब अतीक के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई पड़ी। वहीं जब मीडिया कर्मियों ने सवाल कि तो वैन में बैठे अतीक ने चिल्लाकर कहा, ये (यूपी पुलिस) मेरी हत्या करना चाहते हैं।
राजस्थान पहुंचा यूपी पुलिस का काफिला, अतीक ने पेट्रोल पंप पर की लघुशंका
अतीक अहमद को साबरमती से लेकर चला यूपी पुलिस का काफिला राजस्थान में प्रवेश का कर चुका है। यहां तकरीबन 6 बजे उदयपुर जिले के ऋषभदेव पेट्रोल पंप पर काफिला रोका गया। इस दौरान काफी कड़ी सुरक्षा देखने को मिली।
वहीं डूंगरपुर में अतीक अहमद को लघुशंका के लिए पेट्रोल पंप पर उतारा गया। सुरक्षा को देखते हुए अतीक को क्यारियों में ही जाना पड़ा। इसके बाद काफिला प्रयागराज की तरफ आगे बढ़ गया।
राजनीतिक मुद्दा बन गया है अतीक का ट्रांसफर
एक माफिया का जेल ट्रांसफर उत्तर प्रदेश की सियासत को आंच दे रहा है, जिससे गर्माई राजनीति में हलचल मची हुई है। अतीक अहमद को गुजरात से यूपी लाए जाने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पूर्व में बिकरू कांड का जिक्र करते हुए अतीक के ट्रांसफर से जोड़ा और कहा कि यूपी में गाड़ी पलटने का रिकॉर्ड है।
माफिया अतीक को ‘गाड़ी पलटने’ का डर
माफिया अतीक अहमद को साबरमती जेल से प्रयागराज सड़क मार्ग से लाया जा रहा है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि विकास दुबे की तरह अतीक की गाड़ी भी रास्ते में कहीं पलट न जाए। अतीक अहमद ने एनकाउंटर के डर की वजह से ही सुप्रीम कोर्ट में यूपी ट्रांसफर न किए जाने के लिए याचिका भी दाखिल की थी।
अतीक के भाई अशरफ की भी होगी पेशी
28 मार्च को होने वाली सुनवाई में माफिया अतीक अहमद के साथ उसके भाई अशरफ की भी पेशी है। अशरफ इस समय बरेली जेल में बंद है। दोनों भाई उमेश पाल अपहरण कांड के आरोपी है। बता दें कि 28 मार्च को होने वाली सुनवाई में ही मामले में फैसला सुनाया जाएगा।
हाई-सिक्योरिटी बैरक में रहेगा माफिया अतीक
मीडिया की कवरेज की पर लगी रोक, नहीं रूकेगा काफिला
साबरमती केंद्रीय जेल से माफिया अतीक अहमद को यूपी लाया जा रहा है। 40 घंटे के सफर में काफिला कहीं नहीं रूकेगा। इसके साथ ही मीडिया की कवरेज करने वाली गाड़ियों पर भी रोक लगी है। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त ड्राइवर साथ रखे गए हैं।

