नई दिल्ली, 06 जून (। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने उप्र के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक 13 वर्षीय लड़की के सामूहिक
बलात्कार और हत्या के मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बच्ची की मां ने घटना को लेकर डीसीडब्ल्यू में
शिकायत दर्ज करवाई है।
शिकायतकर्ता ने डीसीडब्ल्यू को बताया कि 12.05.2022 की शाम वह अपनी दो नाबालिग बेटियों को घर छोड़कर
अपने घर से बाहर गयी थी। उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद जब वह लौटी तो उन्होंने देखा कि उनके पड़ोसी की
बेटी अपने दो फुफेरे भाइयों के साथ शिकायतकर्ता के घर से भाग रही थी। जब वह अपने घर पहुंची तो उन्होंने
देखा कि उनकी 13 वर्षीय बेटी अर्ध बेहोशी की अवस्था में गंभीर रूप से घायल पड़ी हुई थी।
शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी बेटी ने बताया कि उपरोक्त लड़कों ने उसके साथ बेरहमी से बलात्कार किया और
उसे पीटा। शिकायतकर्ता तुरंत अपनी बेटी को बुलंदशहर के नजदीकी अस्पताल ले गई और अगली सुबह लड़की की
हालत गंभीर होने पर उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। हमले के करीब चार घंटे बाद ही बच्ची कोमा में
चली गयी, उसके बाद उसको वेंटिलेटर पर रखा गया था। 16.05.2022 को उसे मेरठ के एक अस्पताल में रेफर
किया गया, जहां 18.05.2022 को उसकी मौत हो गई।
डीसीडब्लयू की अध्यक्ष ने 04.06.2022 को लड़की के माता-पिता से मुलाकात की।
माता पिता ने बताया कि कि
मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने 18.05.2022 को बुलंदशहर
जिले के औरंगाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई,
लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उस पर कार्रवाई करने से इनकार
कर दिया।
19.04.2022 को उनकी बेटी का पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार किया गया और उन्होंने 23.05.2022 को फिर से
स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर की कॉपी के बारे में पूछताछ की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस
अधिकारियों ने कहा कि जब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिल जाती तब तक एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
माता-पिता ने आरोप लगाया कि 24.05.2022 को एक पुलिस अधिकारी उनके घर आया और उनके बयान दर्ज
किए। उन्होंने आगे बताया कि 25.05.2022 को वही पुलिस अधिकारी बिना किसी महिला पुलिस अधिकारी के
उनके घर आया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया
और 13 उनकी वर्षीय मृत लड़की के चरित्र; के बारे में
आपत्तिजनक टिप्पणी की।
माता पिता ने बताया कि दो दिन बाद पुलिस अधिकारी ने पिता को थाने बुलाया और बताया कि बच्ची की
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल गई है।
पिता ने बताया कि पुलिस अधिकारी ने उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट सुनाई, लेकिन
उसके शरीर पर चोट के निशान का हिस्सा छोड़ दिया,
पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा कि हालांकि पोस्टमॉर्टम
रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न का उल्लेख है,
लेकिन उनकी बेटी पहले से ही किसी के साथ ;रिलेशनशिप; में थी, इसलिए
पुलिस आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी।
लड़की के माता-पिता ने बताया कि 28.05.2022 को वे पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साथ पुलिस अधीक्षक, बुलंदशहर के
पास गए, लेकिन उन्होंने कहा कि वह विसरा रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद ही कार्रवाई करेंगे। माता पिता ने बताया
कि वे 01.06.2022 को बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बच्ची के माता पिता ने बताया कि उनकी बेटी के इलाज के लिए अस्पताल के बिलों में नौ लाख रुपये खर्च किए
गए, लेकिन दुर्भाग्य से उसे बचाया नहीं जा सका।
डीसीडब्लयू की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मामले का संज्ञान लिया और उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को
पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए
एफआईआर दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।
उन्होंने मामले में कथित रूप से कार्रवाई करने से इनकार करने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ
प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की है।
उन्होंने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए अपराध शाखा द्वारा कार्रवाई करने की सिफारिश की है। साथ
ही उन्होंने मुख्यमंत्री से बच्ची के परिवार को आर्थिक मदद मुहैया कराने और इलाज पर हुए खर्च की पूर्ती करने का
अनुरोध किया है।
स्वाति मालीवाल ने कहा, “हमें बुलंदशहर में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या
की शिकायत मिली। मृतक बच्ची के माता-पिता ने मुझसे संपर्क किया।
भले ही मामला मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर
हो, लेकिन उनकी परेशानी को देखकर मैंने उनकी मदद करने का फैसला किया है।
मैं स्तब्ध हूं कि यूपी पुलिस ने
24 दिन बीत जाने के बावजूद इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है। मैंने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पढ़ी है जिससे
पता चलता है कि लड़की को कितनी भयानक परेशानियों से गुजरना पड़ा था। मामले में जल्द से जल्द एफआईआर
और गिरफ्तारी हो।

