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Yogi आदित्यनाथ ने माघ मेला तैयारियों की समीक्षा की, तीर्थयात्रियों के लिए नई सर्विस ऐप लॉन्च

हर साल गंगा के तट पर लाखों श्रद्धालु माघ मेला में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ ने प्रयागराज पहुंचकर माघ मेला की तैयारियों का गहन निरीक्षण किया और साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नई डिजिटल पिलग्रिम सर्विस ऐप भी लॉन्च की। इस पहल का उद्देश्य परंपरा और तकनीक को जोड़ते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित अनुभव देना है।

माघ मेला का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

माघ मेला प्रयागराज में संगम तट पर आयोजित होता है, जहां गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों का मिलन माना जाता है। माघ महीने में यहां स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
पिछले वर्ष करीब 4 करोड़ श्रद्धालु माघ मेला में पहुंचे थे और 2026 में बेहतर व्यवस्थाओं के कारण इससे भी अधिक संख्या की उम्मीद है।

Yogi आदित्यनाथ की सक्रिय प्रशासनिक भूमिका

मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ ने माघ मेला को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्वयं मेला क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को किसी भी कमी को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।

उनका यह “ग्राउंड पर जाकर निगरानी” वाला मॉडल पहले भी कुंभ मेले जैसे आयोजनों में देखा गया है, जहां बेहतर प्रबंधन की देश-विदेश में सराहना हुई थी। लक्ष्य साफ है—श्रद्धालु आस्था में लीन रहें, अव्यवस्थाओं में नहीं।

बुनियादी ढांचे की व्यापक समीक्षा

जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं

  • 500 से अधिक स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था

  • हजारों अस्थायी शौचालय, रोजाना सफाई अभियान

  • मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर, डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध

  • एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा टीमें तैनात

इन व्यवस्थाओं से बीमारियों और संक्रमण का खतरा काफी कम होने की उम्मीद है।

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यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था

  • प्रयागराज शहर में विशेष ट्रैफिक रूट और पार्किंग व्यवस्था

  • 50,000 से अधिक वाहनों के लिए पार्किंग प्लान

  • 20,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात

  • ड्रोन, CCTV और पैदल गश्त से रियल-टाइम निगरानी

भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश-निकास मार्ग तय किए गए हैं।

अस्थायी शहर का निर्माण

  • नदी पर 15 अस्थायी पुल

  • घाटों तक चौड़े रास्ते, दिव्यांगों के लिए भी अनुकूल

  • रोशनी, बिजली और फॉग लाइट्स की व्यवस्था

  • साधु-संतों के लिए सैकड़ों टेंट, हीटर सहित

कम समय में पूरा मेला क्षेत्र एक अस्थायी शहर के रूप में तैयार किया गया है।

तीर्थयात्रियों के लिए नई डिजिटल सर्विस ऐप

मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ ने निरीक्षण के दौरान पिलग्रिम सर्विस ऐप लॉन्च की, जिसे माघ मेला 2026 की एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

ऐप की प्रमुख खूबियां

  • विभिन्न घाटों पर भीड़ की लाइव जानकारी

  • स्नान तिथियों और समय-सारिणी की जानकारी

  • खोया-पाया (Lost & Found) ट्रैकिंग सुविधा

  • हिंदी, अंग्रेज़ी और क्षेत्रीय भाषाओं में वॉयस गाइड

  • मौसम, रास्तों और गेट बंद होने की अलर्ट सुविधा

  • कम इंटरनेट में भी काम करने की क्षमता

Magh Mela 2026 to host 12-15 crore pilgrims says UP CM; preparation in full swing - The Tribune

तकनीक से बढ़ी सुरक्षा

यह ऐप मेला क्षेत्र में लगे 1000 से अधिक CCTV कैमरों से जुड़ी है। किसी आपात स्थिति में श्रद्धालु अपनी लोकेशन के साथ तुरंत मदद मांग सकते हैं। पुलिस और प्रशासन का दावा है कि इससे प्रतिक्रिया समय आधा हो जाएगा।

सभी के लिए सुलभ

  • रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर ऐप डाउनलोड सहायता केंद्र

  • टीवी, सोशल मीडिया और होर्डिंग्स से प्रचार

  • लक्ष्य: 70% श्रद्धालु मेला में आने से पहले ऐप डाउनलोड करें

आध्यात्मिक परंपरा और प्रशासन का संतुलन

मुख्यमंत्री ने अखाड़ा प्रमुखों और धार्मिक नेताओं से भी संवाद किया।

  • जुलूस और स्नान मार्गों पर सहमति

  • पूजा-पाठ स्थलों की व्यवस्था

  • परंपराओं के अनुरूप प्रशासनिक योजना

इस समन्वय से किसी भी तरह के टकराव की आशंका कम हो गई है।

Magh Mela 2026 to host 12-15 crore pilgrims says UP CM; preparation in full swing - The Tribune

आपात स्थिति और मौसम से निपटने की तैयारी

  • घने कोहरे में मार्गदर्शन के लिए फॉग हॉर्न और लाइट्स

  • बारिश या ठंड बढ़ने पर अतिरिक्त टेंट

  • बाढ़ और भीड़ नियंत्रण के लिए मॉक ड्रिल

  • बैकअप जनरेटर और वैकल्पिक संचार व्यवस्था

आर्थिक असर और पर्यटन को बढ़ावा

माघ मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा अवसर है।

स्थानीय रोजगार और व्यापार

  • 10,000 से अधिक दुकानदारों को लाइसेंस

  • ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों लोगों को अस्थायी रोजगार

  • स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं की भागीदारी

Magh Mela 2026 to host 12-15 crore pilgrims says UP CM; preparation in full swing - The Tribune

धार्मिक पर्यटन सर्किट का विस्तार

राज्य सरकार प्रयागराज को वाराणसी और अयोध्या से जोड़ने वाले धार्मिक सर्किट पर ₹5,000 करोड़ से अधिक निवेश कर रही है। इससे साल भर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक माघ मेला

मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ की समीक्षा और नई ऐप की लॉन्चिंग से साफ है कि माघ मेला 2026 को अब तक का सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन बनाने की तैयारी है।

मुख्य बातें संक्षेप में

  • ✔ मजबूत बुनियादी ढांचा

  • ✔ तकनीक आधारित श्रद्धालु सुविधा

  • ✔ कड़ी सुरक्षा और आपात योजनाएं

Kashmiri व्यक्ति ने अयोध्या के राम मंदिर के अंदर नमाज अदा करने का प्रयास किया और नारे लगाए।

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