लखनऊ, 15 अक्टूबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डाक विभाग उप्र परिमण्डल की ओर
से शनिवार को यहां ललितकला अकादमी अलीगंज में आयोजित 12वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट
प्रदर्शनी ‘यूपीएचआइएलईएक्स-2022’ में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डाक टिकटों के संग्रह के
लिए एक समय डाक विभाग ने रुचि वाला विषय बना दिया था। आज यहां 300 प्रकार से अधिक
डाक टिकटों का प्रदर्शन हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के वनवास के समय के कलेक्शन
को भी यहां दिखाया जा रहा है। यहां जो कलेक्शन हैं वो पुराने समय के पैसों की क्या स्थिति थी,
वह भी बताता है। उत्तर प्रदेश डाक क्षेत्र के लिए बहुत समृद्ध है, क्योंकि डाक टिकट के लिए यहां
इतिहास का काफी लंबा चित्रण है।
जब भगवान की बात करें तो राम वनगमन के 14 वर्ष में 12 वर्ष इसी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में ही
बीते। 17 अक्टूबर को यहां भगवान बुद्ध के कृत्यों का विशेष परिशिष्ट जारी किए जाएंगे। भगवान
बुद्ध से जुड़े छह केंद्र उत्तर प्रदेश में ही हैं। यहां के कलेक्शन अतीत को समेटे हुए हैं। भारत की
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आत्मा उत्तर प्रदेश में ही वास करती है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुंभ का आयोजन प्रयागराज की ओर आकर्षित करता है। आजादी की
लड़ाई की बात पर 1857 के मेरठ की बात आती है।
मंगल पांडेय, धनसिंह कोतवाल की बात आती
है। झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे की बिठूर से बात होती है।
कहा कि यह कलेक्शन तो है ही, साथ में ज्ञानवर्धन भी है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे उर्वरा भूमि है।
इस समय धूप है लेकिन 17 जिलों में बाढ़ की भी स्थिति है। यह डाक टिकट आने वाली पीढ़ी के
लिए बहुत ज्ञानवर्धन करने वाला है। यह गागर में सागर भरने वाला कार्यक्रम है।

