Delhi के नरेला में प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, 19 फायर टेंडर मौके पर तैनात
राजधानी Delhi के औद्योगिक क्षेत्र नरेला में एक प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी तेज़ थी कि देखते ही देखते उसने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। घटना के बाद तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर एक के बाद एक कुल 19 फायर टेंडर भेजे गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग सुबह के समय फैक्ट्री के अंदर लगी, जब कामकाज चल रहा था। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। प्लास्टिक सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे उसे नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया।
Delhi दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के लिए कई घंटों तक लगातार प्रयास किए गए। फैक्ट्री के अंदर रखे केमिकल और प्लास्टिक उत्पादों के कारण आग बार-बार भड़क रही थी। दिल्ली फायर सर्विस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आसपास की फैक्ट्रियों और इमारतों को सुरक्षित रखने के लिए भी विशेष इंतज़ाम किए।
घटना के समय Delhi फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों को तत्काल बाहर निकालने का प्रयास किया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते अधिकांश श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि कुछ कर्मचारियों को हल्की चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से घटना के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में आग की भयावहता साफ देखी जा सकती है।
प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया है और लोगों से अपील की है कि वे मौके के पास न जाएं, ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो। Delhi पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद आवश्यक है, खासकर उन इकाइयों में जहां ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग किया जाता है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय-समय पर उपकरणों की जांच और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए, तो इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
फिलहाल, आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन पूरी तरह से बुझाने के लिए दमकल कर्मी अभी भी प्रयासरत हैं। आग लगने के कारणों की जांच के लिए एक टीम गठित की जा सकती है, जो इस घटना के पीछे की असल वजह का पता लगाएगी।
![]()
यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए एक चेतावनी है कि औद्योगिक सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। प्रशासन और फैक्ट्री मालिकों को मिलकर ऐसे उपाय करने होंगे, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अंततः, दमकल विभाग और राहत टीमों की तत्परता ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद ही मिल सकेगा।

