नई दिल्ली, 17 अक्टूबर भलस्वा डेयरी इलाके में पिटबुल कुत्ते के हमले में महिला
व्यवसायी को बुरी तरह जख्मी कर दिया। घटना रविवार दोपहर की है।
पीड़ित महिला का आरोप है
कि घटना के समय कुत्ते का मालिक भी वहां मौजूद था,
लेकिन उसने कुत्ते को रोकने की कोशिश नहीं
की। पुलिस ने फिलहाल संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
जानकारी के अनुसार, 40 वर्षीय संगीता परिवार के साथ आदर्श नगर के केवल पार्क इलाके में रहती
है। संगीता की भलस्वा डेरी के गुरुनानक देव कालोनी में कपड़े की दुकान है। वह रविवार दोपहर को
दुकान से कुछ सामान लेने के लिए जा रही थीं। इसी दौरान गली में रहने वाले प्रॉप्रर्टी डीलर दिलबाग
सिंह पिटबुल नस्ल के पालतू कुत्ते को टहला रहे थे। संगीता ने बताया कि कुत्ते के गले में चेन नहीं
बंधी थी। कुत्ते ने उन्हें देखते ही हमला कर दिया। पीड़िता ने बचने के लिए भागने की कोशिश की,
लेकिन कुत्ते ने उन्हें नहीं छोड़ा। इस हमले में पीड़िता के दोनों पैर, पेट और पीठ पर गहरे जख्म
आए। संगीता का आरोप है कि इस दौरान वहां खड़ा दिलबाग सिंह ने न ही उन्हें बचाने की कोशिश
की और न कुत्ते को रोकने की।
संगीता उस पल को याद करते हुए सिहर उठती हैं। वह कहती हैं कि एक पल के लिए लगा था कि
उनकी जान आज चली जाएगी। उन्होंने बताया कि पिटबुल के बारे में अखबारों में उन्होंने पढ़ा हुआ
था। इसलिए वह डरी हुई थीं। हालांकि मौके पर चीख पुकार सुनकर लोगो की भीड़ जमा हो गई।
उन्होंने लाठी डंडों से कुत्ते को भगाया और पीड़िता को बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया।
वहीं सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर लापरवाही
से जान खतरे में डालने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुत्ते को पशु समिति को सौंप दिया गया है। यह समिति कुत्ते
के व्यवहार पर नजर रखते हुए इसके उग्रता के कारण का अध्ययन करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के
आधार पर ही इस बात का फैसला होगा कि कुत्ता किसके पास रहेगा।
पीड़िता संगीता ने बताया कि अक्सर दिलबाग गली में बिना चेन बांधे कुत्ते को गली में टहलाता रहता
था। वह अक्सर दिलबाग को इसके लिए टोकती थी लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया। घटना वाले
दिन भी पीड़िता ने दिलबाग को टोका था लेकिन उसने अनसुना कर दिया। जब कुत्ते ने महिला पर
हमला किया तो तब भी वह इसे मजाक समझ रहा था।

