image004LOUC

जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) ने डिजिटल फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए

जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) ने आज डिजिटल फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थापना करने के साथ-साथ डिजिटल फोरेंसिक के क्षेत्र में सूचनाओं एवं ज्ञान या जानकारियों के आदान-प्रदान, तकनीकी प्रगति और कौशल विकास के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस सहमति पत्र पर श्री सुरजीत भुजबल, प्रधान महानिदेशक, डीजीजीआई और डॉ. जे.एम. व्यास, कुलपति, एनएफएसयू, गांधीनगर ने हस्ताक्षर किए।

सहमति पत्र हस्ताक्षर किए

image001WKVV

डीजीजीआई  संबंधित सूचनाओं के संग्रह और प्रसार के लिए और जीएसटी की चोरी रोकने हेतु आवश्यक उपाय करने के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी)  के अधीनस्‍थ शीर्ष खुफिया संगठन है। एनएफएसयू फोरेंसिक विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों में अध्ययन एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भारत की संसद की स्‍वीकृति से स्थापित किया गया राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। एनएफएसयू फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में पहला एवं  एकमात्र संस्थान है और उसके पास डिजिटल फोरेंसिक के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी है और इसके साथ ही डिजिटल साक्ष्य का अध्ययन एवं विश्लेषण करने की विशिष्‍ट क्षमता है। इसने विभिन्न राष्ट्रीय एजेंसियों जैसे कि प्रवर्तन निदेशालय, डीआरडीओ और केंद्रीय जांच ब्यूरो,  इत्‍यादि के साथ-साथ कई देशों और उनके संस्थानों के साथ डिजिटल फोरेंसिक के क्षेत्र में सहयोग सुनिश्चित किया है।

.सहमति पत्र हस्ताक्षर किए image002GSFF

सीबीआईसी की प्रमुख जांच शाखा होने के नाते डीजीजीआई बड़े पैमाने पर होने वाली कर चोरी का पता लगाने और फर्जी इनवॉयस या चालान वाले रैकेट का भंडाफोड़ करने एवं इन मामलों में कई मास्टरमाइंडों अथवा सरगना को गिरफ्तार करने के लिए डेटा विश्लेषणात्मक उपकरणों और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का व्यापक रूप से उपयोग करता है।  यह एमओयू जांच एवं डिजिटल फोरेंसिक के क्षेत्र में डीजीजीआई के लिए काफी मददगार साबित होगा और प्रभावकारी अभियोग शुरू करने एवं दोषियों को सजा दिलाने में इस एजेंसी की सहायता करेगा। गंभीर कर अपराध करने वालों को त्वरित और प्रभावकारी सजा दिलाने से न केवल सरकारी राजस्व सुनिश्चित होता है और इसका रिसाव या लीकेज थम जाता है, बल्कि ईमानदार करदाताओं के लिए उचित कर व्यवस्था सुनिश्चित करके व्यापार को सुविधाजनक भी बनाता है। यह डीजीजीआई के लिए डिजिटल फोरेंसिक के क्षेत्र में आवश्यक भौतिक अवसंरचना, कौशल सेट और आवश्‍यक जानकारियां हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

सहमति पत्र हस्ताक्षर किए

image003Z8PW

इस सहमति पत्र से डीजीजीआई और एनएफएसयू को डिजिटल फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की स्थापना करने के साथ-साथ अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग करने और एक-दूसरे को तकनीकी सहायता प्रदान करने में काफी मदद मिलेगी।