image003DUMT

पत्‍तन आधारित विकास से आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा मिल रहा है

पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) पर दीनदयाल पत्‍तन, कांडला, गुजरात में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत कंटेनर कार्गो सहित बहुउद्देशीय स्वच्छ कार्गो को संभालने के लिए ‘बर्थ नंबर 13’ विकसित करने की एक महत्वाकांक्षी योजना का अनावरण किया है। यह परियोजना 167.88 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित की जाएगी। इस परियोजना का विकास पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा अपने हितधारकों को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और सेवाएं प्रदान करने और भीतरी इलाकों की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के अनुसार किया जा रहा है।

image0018JHD

 

इस प्रस्‍तावित सुविधा की कंटेनर कार्गो के लिए बहुउद्देशीय स्वच्छ कार्गो 0.10 मिलियन टीईयू (ट्वेंटी-फुट समतुल्य इकाई) 75,000 डीडब्ल्यूटी या समकक्ष टीईयू तक के जहाजों को संभालने के लिए 4.20 एमएमटीपीए की अधिकतम क्षमता के साथ विकसित करने के लिए योजना बनाई गई है।

इस सुविधा का उपयोग पीपीपी मोड के तहत डीबीएफओटी के माध्‍यम से जहां है जैसा है आधार पर सफल बोली दाताओं को बर्थ का आवंटन करके पीपीपी मोड में कंटेनर कार्गो सहित खाद्यान्न, चीनी, नमक, सिलिका क्ले, रो-रो कार्गो, टिम्बर लॉग्स, कंटेनर कार्गो जैसे बहुउद्देशीय स्‍वच्‍छ कार्गो को संभालने के लिए किया जाएगा।

image002RFW4

 

उल्लेखनीय है कि देश में बंदरगाह क्षेत्र के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता के एक हिस्‍से के रूप में पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने गुजरात में सागरमाला कार्यक्रम के तहत 57,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 74 परियोजनाओं की पहचान की है।

 

 

इनमें से 9,000 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की 33 परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं और 22,700 करोड़ रुपये की 26 परियोजनाएं विकास के अधीन हैं। केंद्रीय मंत्रालय, प्रमुख पत्‍तन, राज्य समुद्रीय बोर्ड और अन्य राज्य एजेंसियां संयुक्त रूप से इन परियोजनाओं को लागू कर रही हैं।