Delhi का देसी जुगाड़: जब Hyundai Accent बनी ‘Range Rover’, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
सोचिए, Delhi की सड़कों पर एक कार जो दिखने में लग्ज़री Range Rover जैसी दिखे, लेकिन असल में चले आपके पड़ोसी की पुरानी Hyundai Accent की तरह! यही हुआ जब राजधानी के एक जुगाड़ू युवक ने थोड़े पैसों और बड़े आइडिया से अपनी पुरानी कार को नया रूप दे दिया।
जैसे ही तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आए, लोग हैरान रह गए—किसी ने तारीफ की, तो किसी ने मज़ाक उड़ाया।
शुरुआत: देसी इंजीनियरिंग का कमाल और सोशल मीडिया की धूम
एक वायरल पोस्ट ने सबकुछ बदल दिया। रातों-रात #DesiRangeRover और #JugaadKing जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
लोगों ने वीडियो, मीम्स और तुलना वाली तस्वीरें शेयर करनी शुरू कर दीं।
ये कहानी सिर्फ एक कार की नहीं, बल्कि भारतीय जुगाड़ की ताकत की बन गई।
क्यों हुआ वायरल?
क्योंकि किसी ने 90 के दशक की एक साधारण Hyundai Accent को कुछ सस्ते, देसी पार्ट्स के सहारे Range Rover जैसा लुक दे दिया।
फ्रंट ग्रिल को स्क्रैप मेटल से बनाया गया और काले रंग से रंगा गया।
चौड़े व्हील आर्चेज़ फाइबर शीट से तैयार हुए।
LED हेडलाइट्स और टेललाइट्स स्थानीय बाजार से ली गईं।
रूफ रैक और साइड स्कर्ट से SUV जैसा लुक बनाया गया।
और पूरी कार को मैट ग्रे विनाइल रैप से ढक दिया गया।
पहली नज़र में किसी को भी धोखा हो सकता था!

कार मालिक और उसकी सोच
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये आइडिया Delhi के बाहरी इलाके के एक युवा मेकैनिक का था।
उसका बजट था ₹50,000 से कम, और मकसद — पुरानी Accent को नया, प्रीमियम लुक देना।
वो ऑनलाइन मॉड वीडियो देखकर प्रेरित हुआ और चाहता था कि उसकी कार ट्रैफिक में सबसे अलग दिखे।
लागत और नतीजा
पूरी मॉडिफिकेशन पर खर्च आया करीब ₹30,000–₹40,000।
नतीजा?
बाहर से जबरदस्त Range Rover फील
अंदर वही पुरानी Accent इंजन
दूर से लग्ज़री, पास से जुगाड़!
लोगों ने इसे “बजट बीस्ट” नाम दिया।
देसी जुगाड़ बनाम प्रोफेशनल मॉडिफिकेशन
भारत में कार मॉडिफिकेशन का दो रूप हैं —
देसी जुगाड़: घर-गैराज में कम खर्चे में किया गया काम
प्रोफेशनल ट्यूनिंग: ARAI या RTO के नियमों के तहत की गई वैध मॉडिफिकेशन
देसी जुगाड़ में क्रिएटिविटी तो होती है, लेकिन सेफ्टी और लीगलिटी पर खतरा रहता है।
प्रोफेशनल काम महंगा होता है, लेकिन कार का बैलेंस, वजन और एयरबैग सिस्टम सुरक्षित रहते हैं।

कानूनी और सुरक्षा पहलू
मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, बिना RTO अनुमति के कार के बाहरी ढांचे में बड़े बदलाव करना अवैध है।
इस पर ₹5,000 तक जुर्माना लग सकता है और गाड़ी की फिटनेस रद्द हो सकती है।
इसके अलावा, ऐसे बॉडी किट्स कार की स्थिरता बिगाड़ सकते हैं—
तेज़ स्पीड पर पलटने का खतरा
फ्यूल एफिशिएंसी में गिरावट
एयरबैग और क्रैश सेफ्टी पर असर
इंश्योरेंस भी ऐसे बदलावों पर अमान्य हो सकता है।
सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएँ
X (Twitter) पर लोगों ने कहा: “Delhi में हर चीज़ possible है!”
Instagram पर लाखों व्यूज़ के साथ मीम बने:
“Range Rover on a budget!”
“Accent Rover: 50K में लग्ज़री फील”
YouTube पर रिएक्शन वीडियो आए — कुछ ने जुगाड़ की तारीफ की, तो कुछ ने इसे खतरनाक बताया।
एक मीम में कार को Delhi के गड्ढों से “भागते” दिखाया गया, कैप्शन था: “Off-road tested, Dilli approved!”

क्या यह सब प्लान्ड था?
कई लोगों का मानना है कि मालिक ने जानबूझकर वीडियो अपलोड किया ताकि वह वायरल हो।
उसने सही टाइमिंग पर पोस्ट किया और ट्रेंडिंग टैग्स का इस्तेमाल किया।
कह सकते हैं — क्रिएटिविटी + मार्केटिंग = वायरल हिट!
निचोड़: जुगाड़ की ताकत और जिम्मेदारी
यह कहानी दिखाती है कि भारत में जुगाड़ सिर्फ जरूरत नहीं, एक कला है।
लेकिन जुगाड़ की रफ्तार को सुरक्षा और कानून की सीमा में रखना ज़रूरी है।
मुख्य सबक:
क्रिएटिव बनो, लेकिन रोड सेफ्टी पहले रखो।
मॉडिफिकेशन से पहले RTO से अनुमति ज़रूर लो।
सोशल मीडिया की लाइक्स से ज़्यादा मायने आपकी और दूसरों की सुरक्षा का है।
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