ED ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के घर की तलाशी ली, राजनीति गरमाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के आवास समेत राज्य के कई ठिकानों पर छापेमारी कर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले और सीएमआरएल (CMRL) से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की गई। ईडी की टीम ने तिरुवनंतपुरम स्थित विजयन के आवास पर कई घंटों तक दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने राज्यभर में करीब 10 से 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें विजयन के परिवार और करीबी सहयोगियों से जुड़े कुछ अन्य ठिकाने भी शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी की यह कार्रवाई उस समय हुई जब हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने सीएमआरएल मामले में ईडी की जांच को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी।
क्या है पूरा मामला?
ED की जांच का केंद्र सीएमआरएल यानी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने Pinarayi Vijayan की बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को लगभग 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जबकि बदले में कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई। एजेंसी इस लेनदेन को संदिग्ध मानते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है।
ED ने वर्ष 2024 में इस मामले के तहत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था। एजेंसी का मानना है कि भुगतान का इस्तेमाल निजी वित्तीय देनदारियों को निपटाने के लिए किया गया, जिससे सार्वजनिक कंपनी को नुकसान हुआ।
परिवार और करीबी सहयोगियों के ठिकाने भी जांच के दायरे में
रिपोर्ट्स के अनुसार, ED ने पूर्व मंत्री और विजयन के दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली। इसके अलावा सीएमआरएल कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के घरों और कार्यालयों में भी जांच की गई। एजेंसी डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। हालांकि ईडी की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
वाम दलों ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
सीपीएम नेताओं ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे विभिन्न राज्यों में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं, वैसे-वैसे विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ रही है। पार्टी ने दावा किया कि विजयन और उनका परिवार किसी भी जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन एजेंसियों का दुरुपयोग लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए चिंता का विषय है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस और भाजपा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। विपक्षी दलों का कहना है कि यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सही हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कुछ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि केरल में लंबे समय से कई आर्थिक घोटालों और विवादों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में ED की कार्रवाई से राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
केरल की राजनीति में बढ़ा तनाव
ED की छापेमारी के बाद केरल की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। तिरुवनंतपुरम और अन्य शहरों में सीपीएम कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। पार्टी समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है।
दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने कहा कि जांच एजेंसियां कानून के दायरे में काम कर रही हैं और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी जांच होना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है। यदि ईडी को जांच में नए सबूत मिलते हैं तो पूछताछ का दायरा और बढ़ सकता है। वहीं, यदि आरोप साबित नहीं होते, तो विपक्ष इसे राजनीतिक उत्पीड़न के उदाहरण के रूप में पेश करेगा।
फिलहाल, Pinarayi Vijayan और उनकी पार्टी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। लेकिन ईडी की इस कार्रवाई ने केरल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।

