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Chandigarh का ‘शीश महल’: बंगला नंबर 5 और पंजाब की राजनीति की ऐतिहासिक गूंज

कल्पना कीजिए—एक चमचमाता बंगला, योजनाबद्ध शहर के बीचोंबीच, जो सत्ता और सुविधाओं पर बहस छेड़ देता है। यही चर्चा इन दिनों चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में स्थित बंगला नंबर 5 को लेकर है। विपक्ष इसे अरविंद केजरीवाल के “शीश महल” की अगली कड़ी बता रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार का कहना है—यह सुरक्षा और शासन की जरूरत है, दिखावा नहीं। यह पता सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति के इतिहास और प्रतीकों से जुड़ा अहम ठिकाना है।

बंगला नंबर 5: पंजाब के मुख्यमंत्रियों का ऐतिहासिक निवास

1950 के दशक में बना यह बंगला चंडीगढ़ के सबसे प्रतिष्ठित इलाकों में आता है। लंबे समय से यह पंजाब के मुख्यमंत्रियों का आधिकारिक आवास रहा है, जहां से कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।

Chandigarh मास्टर प्लान और सेक्टर 2 की भूमिका

Chandigarh के वास्तुकार ले कोर्बुज़िए ने शहर को अलग-अलग प्रशासनिक जोनों में बाँटा था। सेक्टर 2 में राज्य के शीर्ष अधिकारियों और मुख्यमंत्रियों के आवास रखे गए, जो आधुनिकता और कार्यक्षमता के प्रतीक माने जाते हैं। हालांकि, समय के साथ ये घर “वीआईपी क्षेत्रों” की बहस का हिस्सा बन गए—समानता के शहर में विशेषाधिकारों के प्रतीक के रूप में।

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पूर्व मुख्यमंत्रियों और बंगले का रिश्ता

इस बंगले में कई बड़े नाम रहे—

  • प्रकाश सिंह बादल ने यहां से किसान सहायता योजनाओं की घोषणा की।

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जल विवादों पर बैठकों की मेजबानी की।

  • ज्ञानी जैल सिंह, जो बाद में भारत के राष्ट्रपति बने, ने भी इसी तरह के आवास से शासन चलाया।

इससे बंगला नंबर 5 पंजाब की राजनीतिक स्मृति का हिस्सा बन चुका है।

अतीत के विवाद: ‘शाही घरों’ पर खर्च की बहस

ऐसे विवाद पहले भी उठ चुके हैं।

  • 1980 के दशक में सूरजीत सिंह बरनाला के दौर में आवास मरम्मत पर खर्च को लेकर आलोचना हुई थी।

  • 2017 में अकाली दल ने कांग्रेस सरकार पर “भव्य साज-सज्जा” का आरोप लगाया था।

हर बार बहस वही रही—जनता के पैसे से विलासिता या जरूरत?

केजरीवाल कनेक्शन: नया ‘शीश महल’ विवाद

AAP ने 2022 में सत्ता संभालते समय “ईमानदार शासन” का वादा किया था। पर अब बंगला नंबर 5 के नवीनीकरण की खबरें—20 करोड़ रुपये से ज्यादा के खर्च के अनुमान के साथ—विवादों को हवा दे रही हैं। विपक्ष इसे दिल्ली के कथित “60 करोड़ वाले शीश महल” की याद दिलाने वाला मामला बता रहा है।

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सुरक्षा या दिखावा?

सरकार का पक्ष है कि मुख्यमंत्री को सुरक्षा मानकों के हिसाब से रहना जरूरी है—

  • बुलेटप्रूफ कांच, सीसीटीवी, गार्ड क्वार्टर और सुरक्षित मार्ग जरूरी हैं।

  • पंजाब जैसे राज्य में, जहां नेताओं को कई बार धमकियाँ मिलती हैं, यह सुविधा नहीं, सुरक्षा का सवाल है।

लेकिन विरोधी पूछते हैं—क्या सादगी का वादा इसी तरह निभाया जाता है?

जनता की राय: सोशल मीडिया पर गरम बहस

ट्विटर (अब X) पर #SheeshMahalPunjab ट्रेंड कर रहा है।

  • कुछ लोग कहते हैं, “सीएम को सुरक्षा चाहिए, खर्च जायज़ है।”

  • बाकी लोग पूछते हैं, “आम आदमी पार्टी और आम आदमी का अंतर कहाँ गया?”
    एक ऑनलाइन सर्वे में करीब 55% लोगों ने इस खर्च का विरोध किया।

Chandigarh: साझा राजधानी, साझा सियासत

Chandigarh पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी है।

  • पंजाब सीएम का बंगला सेक्टर 2 में है, जबकि हरियाणा सीएम का सेक्टर 3 में।

  • यह निकटता दोनों राज्यों के राजनीतिक रिश्तों की झलक देती है—कभी सहयोग, कभी टकराव।

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सत्ता का प्रतीक: नेता का घर बताता है सोच

भारत में नेता का निवास उसकी जनता से दूरी या नज़दीकी का संकेत होता है।

  • लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी का संदेश दिया।

  • एम. करुणानिधि ने भी सादे आवास चुने।

  • पंजाब में बेअंत सिंह ने भी सादगी से शासन चलाया।

अब सवाल यह है—क्या भगवंत मान और AAP इस परंपरा को निभा पाएंगे या ‘शीश महल’ टैग उन पर भारी पड़ेगा?

आगे का असर: 2027 के चुनाव तक गूंज

इतिहास कहता है—पंजाब में जनता खर्च और सादगी को लेकर संवेदनशील है।
2017 में ‘अकाली शाही खर्चों’ पर असंतोष ने वोट बदले।
अगर ‘शीश महल’ विवाद बढ़ा, तो 2027 में AAP को भी इसका असर झेलना पड़ सकता है।

बंगला नंबर 5—ज़रूरत या विलासिता?

बंगला नंबर 5 सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी भी है और प्रतीकात्मक रूप से संवेदनशील भी।
यह विवाद सिर्फ एक घर का नहीं, बल्कि सादगी बनाम सत्ता की चमक का है।
“शीश महल” शब्द फिर से चर्चा में है—क्या यह अतीत की गलती दोहराने जैसा होगा, या नई राजनीति का रूप?

मुख्य बिंदु:

  • बंगला नंबर 5 पंजाब के कई मुख्यमंत्रियों का ऐतिहासिक आवास रहा है।

  • केजरीवाल और AAP की छवि पर खर्च का विवाद असर डाल सकता है।

  • Chandigarh का साझा दर्जा इसे और भी राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनाता है।

  • नेताओं के घर जनता के भरोसे की कसौटी होते हैं।

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