Taranjit सिंह संधू ने दिल्ली के उपराज्यपाल पद की शपथ ली, शहर के विकास के लिए टीमवर्क पर दिया जोर
मार्च 2026 की एक औपचारिक समारोह में Taranjit Singh Sandhu ने दिल्ली के नए उपराज्यपाल (एलजी) के रूप में शपथ ली। यह समारोह Raj Niwas Delhi में आयोजित किया गया, जहां कई गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी मौजूद थे।
शपथ ग्रहण के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दिल्ली के विकास के लिए सरकार, प्रशासन और नागरिकों के बीच सहयोग और टीमवर्क बेहद जरूरी है।
दिल्ली में उपराज्यपाल की भूमिका
दिल्ली एक विशेष प्रशासनिक व्यवस्था वाला केंद्र शासित प्रदेश है, जहां उपराज्यपाल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है।
Government of NCT of Delhi अधिनियम 1991 के अनुसार:
उपराज्यपाल केंद्र सरकार के प्रतिनिधि होते हैं
कानून-व्यवस्था, पुलिस और भूमि जैसे महत्वपूर्ण विषय उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं
कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी देने का अधिकार भी एलजी के पास होता है
इस व्यवस्था का उद्देश्य दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच संतुलन बनाए रखना है।
Taranjit सिंह संधू का कूटनीतिक अनुभव
Taranjit सिंह संधू एक अनुभवी राजनयिक रहे हैं।
उन्होंने भारत के राजदूत के रूप में काम किया है:
United States
Canada
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों में भूमिका निभाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह अनुभव दिल्ली के प्रशासन में संवाद और सहयोग की संस्कृति को मजबूत कर सकता है।

शपथ ग्रहण भाषण के मुख्य बिंदु
अपने संबोधन में संधू ने कहा कि दिल्ली के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने विशेष रूप से इन क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात कही:
स्वच्छ पर्यावरण
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
बेहतर बुनियादी ढांचा
नागरिक सुविधाओं का विस्तार
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर शहर के हित में निर्णय लेना जरूरी है।
प्रशासनिक सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश
दिल्ली में कई बार उपराज्यपाल और निर्वाचित सरकार के बीच अधिकारों को लेकर विवाद देखने को मिले हैं।
तरणजीत सिंह संधू ने संकेत दिया कि वे:
नियमित संवाद को बढ़ावा देंगे
प्रशासनिक समन्वय मजबूत करेंगे
विकास परियोजनाओं को तेज करने का प्रयास करेंगे
इससे उम्मीद की जा रही है कि कई लंबित परियोजनाओं में तेजी आएगी।

विकास के प्राथमिक क्षेत्र
शहरी बुनियादी ढांचा
दिल्ली की बढ़ती आबादी के साथ कई समस्याएं भी बढ़ी हैं, जैसे:
ट्रैफिक जाम
वायु प्रदूषण
जल आपूर्ति की कमी
इन चुनौतियों से निपटने के लिए परिवहन, जल प्रबंधन और हरित परियोजनाओं पर जोर दिया जाएगा।
पर्यावरण और हरित पहल
वायु प्रदूषण दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। इसके लिए:
बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण
वाहनों के उत्सर्जन पर नियंत्रण
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
जैसे कदमों पर ध्यान दिया जा सकता है।
पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार
संधू ने प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने की भी बात कही। इसके लिए:
सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण
ऑनलाइन अनुमति और लाइसेंस प्रणाली
सार्वजनिक डेटा को अधिक पारदर्शी बनाना
जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
संधू की नियुक्ति पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कई नेताओं ने उन्हें अनुभवी और संतुलित प्रशासक बताया
कुछ विपक्षी नेताओं ने केंद्र से उनकी नजदीकी को लेकर सावधानी की बात कही
हालांकि अधिकांश लोगों ने उम्मीद जताई कि उनका अनुभव दिल्ली के प्रशासन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
नागरिकों की भूमिका
संधू ने नागरिकों को भी शहर के विकास में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
नागरिक इन तरीकों से योगदान दे सकते हैं:
स्थानीय समस्याओं की रिपोर्टिंग
सामुदायिक बैठकों में भाग लेना
स्वच्छता और पर्यावरण अभियानों में सहयोग
Taranjit सिंह संधू का दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालना राजधानी के प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
उनका कूटनीतिक अनुभव और सहयोग पर दिया गया जोर यह संकेत देता है कि आने वाले समय में दिल्ली में संवाद, समन्वय और विकास पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है।
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