Atishi का मोदी और बीजेपी पर हमला: दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये कब मिलेंगे?
दिल्ली की राजनीति में चुनावी वादों को लेकर एक बार फिर घमासान तेज हो गया है। Atishi ने Narendra Modi और भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा आखिर कब पूरा होगा।
2500 रुपये के वादे पर सीधा सवाल
Atishi ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीजेपी ने चुनाव के दौरान दिल्ली की 18 साल से ऊपर की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया था।
उन्होंने प्रधानमंत्री से सीधा सवाल किया—“दिल्ली की महिलाओं को ये पैसा कब मिलेगा?”
यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ा है।
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दिल्ली की व्यवस्था और फंडिंग की समस्या
दिल्ली एक पूर्ण राज्य नहीं है, इसलिए यहां कई फैसलों पर केंद्र सरकार और उपराज्यपाल का नियंत्रण रहता है।
इसी वजह से बड़ी योजनाओं को लागू करने में अक्सर देरी होती है।
बीजेपी का कहना है कि इस तरह की योजना के लिए केंद्र की मंजूरी जरूरी है, जबकि आम आदमी पार्टी इसे बहाना बताकर बीजेपी पर वादा पूरा न करने का आरोप लगा रही है।
AAP के पुराने काम और तुलना
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कई योजनाएं लागू की हैं, जिनका असर सीधे लोगों पर पड़ा है:
- महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा
- 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली
- महिला सम्मान योजना के तहत आर्थिक सहायता
इन योजनाओं के चलते AAP यह दिखाने की कोशिश करती है कि वह अपने वादे निभाती है, जबकि बीजेपी पर सिर्फ वादे करने का आरोप लगाया जा रहा है।

महिलाओं पर सीधा असर
दिल्ली में महिला मतदाता बड़ी संख्या में हैं और ऐसे वादे उनके लिए काफी मायने रखते हैं।
महंगाई और रोजमर्रा के खर्च के बीच 2500 रुपये की मदद उनके लिए बड़ा सहारा हो सकती है।
अगर यह वादा पूरा नहीं होता, तो इसका असर सीधे चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है।
बीजेपी का जवाब
बीजेपी इस आरोप को खारिज करते हुए कहती है कि 2500 रुपये देने का वादा आधिकारिक योजना नहीं था।
पार्टी का दावा है कि AAP इस मुद्दे को राजनीतिक फायदा उठाने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।
साथ ही बीजेपी केंद्र सरकार की योजनाओं का हवाला देती है और कहती है कि दिल्ली को पहले से कई लाभ मिल रहे हैं।

जवाबदेही की मांग
Atishi ने सरकार से इस योजना पर स्पष्ट समयसीमा बताने की मांग की है।
उनका कहना है कि चुनावी वादे सिर्फ घोषणा नहीं होने चाहिए, बल्कि उन्हें समय पर पूरा भी किया जाना चाहिए।
दिल्ली की राजनीति में 2500 रुपये का वादा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
एक तरफ AAP इसे अधूरा वादा बताकर बीजेपी को घेर रही है, वहीं बीजेपी इसे राजनीतिक आरोप बता रही है।
आने वाले चुनावों में यह देखना अहम होगा कि मतदाता किस पर भरोसा जताते हैं—वादों पर या उनके क्रियान्वयन पर।

