सहसवान की सियासत में बदलाव के संकेत दैनिक भास्कर के सर्वे में मौजूदा विधायक को जनता नकारा
दैनिक भास्कर के सर्वे में बहुत बुरी तरह हारे बृजेश यादव, हाजी बिट्टन अली की बड़ी जीत
मज़हर अंसारी इंडिया सावधान न्यूज़
उत्तर प्रदेश बदायूँ जिले की विधान सभा सहसवान में
विधायकों का रिपोर्ट कार्ड नामक सर्वे रिपोर्ट में सहसवान विधानसभा को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
2027 के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले हिंदी दैनिक दैनिक भास्कर द्वारा किए गए इस सर्वे ने मौजूदा विधायक और राजनीतिक दलों की स्थिति पर बड़ा संदेश दिया है।


सर्वे के अनुसार सहसवान विधानसभा में मौजूदा विधायक बृजेश यादव के प्रति जनता की नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। जब जनता से पूछा गया कि क्या बृजेश यादव को 2027 में फिर से टिकट मिलना चाहिए?
तो केवल 9 प्रतिशत लोगों ने “हां” में जवाब दिया, जबकि भारी 87 प्रतिशत जनता ने “नहीं” कहकर उनके खिलाफ असंतोष जाहिर किया। वहीं 4 प्रतिशत लोग अभी कोई राय देने की स्थिति में नहीं हैं। यह आंकड़ा मौजूदा विधायक के लिए गंभीर राजनीतिक चेतावनी माना जा रहा है।

सर्वे का दूसरा सवाल था कि 2027 में आप किस पार्टी के प्रत्याशी को विधायक बनाना चाहते हैं? इसके जवाब में समाजवादी पार्टी को भारी बढ़त मिली। सर्वे में 91 प्रतिशत जनता ने समाजवादी पार्टी के पक्ष में मत दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी को केवल 8 प्रतिशत समर्थन मिला। बहुजन समाज पार्टी मात्र 1 प्रतिशत पर सिमटती दिखी। यह आंकड़े बताते हैं कि सहसवान में समाजवादी पार्टी की पकड़ बेहद मजबूत बनी हुई है।

सर्वे का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित सवाल रहा—समाजवादी पार्टी से जनता की पहली पसंद कौन है?
इस प्रश्न में हाजी बिट्टन सबसे आगे निकलते नजर आए। उन्हें 58 प्रतिशत जनता की पहली पसंद बताया गया।
दूसरे स्थान पर दिनेश यादव को 16 प्रतिशत,
तीसरे स्थान पर सर्वेश यादव को 13 प्रतिशत,
जबकि मौजूदा विधायक बृजेश यादव को मात्र 10 प्रतिशत समर्थन मिला।

सर्वे में बाबर मियां और हर्षिका यादव को 0 प्रतिशत समर्थन दिखाया गया, जबकि अन्य उम्मीदवारों को कुल 3 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह सर्वे सहसवान की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। जहां एक ओर मौजूदा विधायक के खिलाफ नाराजगी उभरकर सामने आई है, वहीं दूसरी ओर हाजी बिट्टन जनता की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। यह सर्वे समाजवादी पार्टी के लिए भी उम्मीदवार चयन को लेकर महत्वपूर्ण संदेश देता है।

2027 के चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन यह रिपोर्ट कार्ड साफ कर रहा है कि सहसवान की जनता बदलाव के मूड में दिखाई दे रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक दल इन संकेतों को कितना गंभीरता से लेते हैं और टिकट वितरण में क्या रणनीति अपनाते हैं।
कुल मिलाकर यह सर्वे मौजूदा विधायक के लिए चेतावनी, विपक्ष के लिए अवसर और जनता के बदलते मूड की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। 2027 का चुनाव अभी दूर जरूर है..!



