Assam के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने नए एनडीए कैबिनेट में मंत्रियों को मंत्रालय सौंपे
भारत की राजनीति में नई ऊर्जा और नए समीकरणों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने अपने नए मंत्रिमंडल का गठन किया है। इस कैबिनेट विस्तार और मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर पूरे देश में राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। इसी क्रम में असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने नए एनडीए मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों को मंत्रालय आवंटित किए जाने के फैसले का स्वागत किया और इसे विकास, स्थिरता तथा क्षेत्रीय संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में गठित नई कैबिनेट अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलित मिश्रण है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए मंत्री अपने-अपने विभागों में प्रभावी ढंग से कार्य करेंगे और देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। शर्मा ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों को इस बार विशेष प्राथमिकता मिली है, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।
नए एनडीए मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपे गए हैं। गृह मंत्रालय एक बार फिर Amit Shah को दिया गया है। रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी Rajnath Singh के पास ही बनी हुई है। वित्त मंत्रालय Nirmala Sitharaman को सौंपा गया है, जबकि विदेश मंत्रालय का दायित्व S. Jaishankar को मिला है। इन मंत्रालयों के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अनुभवी नेताओं पर भरोसा बनाए रखना चाहती है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत को प्रतिनिधित्व मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध रही है और इस बार भी उसी सोच को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए सभी क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है।
शर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि नई कैबिनेट में युवा चेहरों को शामिल करना भविष्य की राजनीति और प्रशासनिक दृष्टिकोण को मजबूत करेगा। उनके अनुसार, युवा मंत्री नई सोच, तकनीक और ऊर्जा के साथ काम करेंगे, जिससे शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और आधुनिक बनेगी। उन्होंने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है और ऐसे समय में सरकार को अनुभवी नेतृत्व के साथ-साथ नई पीढ़ी की भागीदारी भी जरूरी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रालयों का यह बंटवारा आगामी वर्षों की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखकर किया गया है। भाजपा और एनडीए नेतृत्व ने क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक क्षमता को प्राथमिकता दी है। इससे गठबंधन सहयोगियों को भी संतुष्ट करने की कोशिश की गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने भी इस निर्णय को “संतुलित और दूरदर्शी” करार दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय से विकास कार्यों में तेजी आएगी। विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास और रोजगार जैसे क्षेत्रों में नई नीतियां लागू की जाएंगी। शर्मा ने उम्मीद जताई कि नए मंत्री जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और देश के हर वर्ग के लिए काम करेंगे।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने हमेशा राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है और नई कैबिनेट इस दिशा में और मजबूती से काम करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत आर्थिक, तकनीकी और सामरिक दृष्टि से और अधिक मजबूत राष्ट्र बनकर उभरेगा।
अंत में हिमंत बिस्वा शर्मा ने सभी नए मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता ने एनडीए सरकार पर जो भरोसा जताया है, उसे पूरा करना सभी मंत्रियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के विकास को गति देना, गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाना और भारत को विश्व मंच पर अग्रणी राष्ट्र बनाना है। नई कैबिनेट से देशवासियों को काफी उम्मीदें हैं और आने वाले समय में इसके परिणाम भी देखने को मिलेंगे।

