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इंडिया सावधान न्यूज़ मजहर अंसारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों को लेकर भाजपा को छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्या की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं. कुशीनगर की फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र में सपा और भाजपा समर्थकों के बीच मारपीट के मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी. उसके बाद बेटे अशोक मौर्य को हिरासत में ले लिया गया था. अब स्वामी प्रसाद मौर्य पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगा है. उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर अतुल कुमार ने बिना इजाजत रोड शो निकालने पर नोटिस जारी किया है. स्वामी प्रसाद मौर्या से इस नोटिस के बदले 72 घंटे में जवाब मांगा गया है. प्रशासन का कहना है कि जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि 1 मार्च को फाजिलनगर क्षेत्र में भाजपा और सपा समर्थक के बीच मारपीट हो गई थी. इस मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य समय दो दर्जन लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई गई थी. असल में मारपीट के प्रकरण के बाद भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य खुलकर अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के फेवर में आ गई थीं. उन्होंने लोगों से अपील भी कर दी थी कि स्वामी प्रसाद को वोट दें. अपील के बाद देर रात संघमित्रा मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.

वहीं बुधवार की रात फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र में रुपए बांटने के आरोप में एसडीएम तमकुहीराज ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे अशोक मौर्य को विशनपुर थाने में बैठा लिया था. बताया गया कि इस दौरान समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अशोक की गिरफ्तारी की सूचना वायरल की थी. हालांकि डीएम ने गिरफ्तारी से इनकार किया था. डीएम ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी लोग फाजिलनगर और मतदाताओं को प्रलोभन दे रहे हैं. इसलिए एसडीएम व सीओ को जांच के लिए भेजा गया था.

जानें स्वामी प्रसाद ने क्यों कहा चुनौतीपूर्ण है फाजिलनगर विधानसभा सीट की लड़ाई
वहीं इस पूरे प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर साजिश का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि योगी सरकार लोकतंत्र को कुचलने उत्पीड़न करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. उन्होंने कहा कि अशोक मेरे बेटे हैं. अशोक मौर्य को अनावश्यक रूप से थाने में बिठाकर मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया है. यह सब उनका चुनाव प्रभावित करने के मकसद से किया गया है. स्वामी प्रसाद ने कहा कि गांव में भ्रमण और पैसा बांटने की विरोधियों की साजिश है.