Meghalaya SIR: 82 प्रतिशत सुनवाई पूरी, 542 मतदाता अयोग्य पाए गए
Meghalaya में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) 2026 की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की ओर से 15 सितंबर को जारी जानकारी के अनुसार, अब तक नोटिस से जुड़े 82.31 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद 542 मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के लिए अयोग्य पाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी मतदाता को नोटिस मिलना अपने आप उसका नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का आधार नहीं है।
21.69 लाख मतदाता ड्राफ्ट सूची में
Meghalaya की ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 21,69,243 मतदाता दर्ज हैं। SIR प्रक्रिया के दौरान ऐसे मामलों की पहचान की गई, जहां पुराने रिकॉर्ड से मतदाताओं का मिलान नहीं हो सका या उपलब्ध रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गईं। इन मामलों की जांच के लिए कुल 6,51,735 नोटिस तैयार किए गए।
इनमें से 6,46,397 नोटिस मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि 5,190 नोटिस अभी वितरित किए जाने बाकी हैं। अब तक 5,36,468 सुनवाई पूरी हो चुकी हैं, जो जारी किए गए नोटिसों का 82.31 प्रतिशत है।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि शेष मामलों में भी नोटिस की डिलीवरी और सुनवाई की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मतदाताओं ने निर्धारित तारीख पर सुनवाई में हिस्सा नहीं लिया, उन्हें दोबारा अवसर देने की बात भी कही गई है।
542 मतदाता अयोग्य पाए गए
SIR के तहत हुई जांच में अब तक 542 मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के लिए अयोग्य पाए गए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा अंतिम सूची में होने वाले संभावित बदलाव का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता, क्योंकि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया अभी जारी है तथा कई मामलों में सुनवाई और दस्तावेजों की जांच बाकी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीडीआर तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक मतदाता को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले। निर्वाचन विभाग ने विशेष रूप से स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होना नाम हटाने के बराबर नहीं है। नोटिस का उद्देश्य मतदाता को उस विसंगति को स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर देना है, जिसकी पहचान जांच के दौरान हुई है।
‘नो मैपिंग’ और मैपिंग विसंगतियों के मामले
नोटिस जारी किए जाने के पीछे मुख्य रूप से दो प्रकार के मामले सामने आए हैं। इनमें 2,22,786 मामले ‘No Mapping’ से जुड़े हैं। इसका अर्थ है कि संबंधित मतदाता का रिकॉर्ड उपलब्ध पुराने डेटाबेस से निर्धारित तरीके से मैप नहीं हो पाया।
इसके अलावा 4,28,949 मामलों में mapping discrepancies यानी रिकॉर्ड के मिलान में किसी प्रकार की विसंगति सामने आई है। निर्वाचन अधिकारियों को इन दोनों प्रकार के मामलों की सावधानीपूर्वक जांच करने और संबंधित मतदाताओं को अपनी पात्रता साबित करने का अवसर देने के निर्देश दिए गए हैं।
यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक सटीक बनाना है। मेघालय के निर्वाचन विभाग के अनुसार इसका व्यापक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
दावे और आपत्तियों के लिए 18 सितंबर तक मौका
ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद मेघालय में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया भी चल रही है। अब तक राज्यभर में 17,061 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इनमें:
9,343 Form 6 आवेदन मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आए हैं।
1,076 Form 7 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
1,211 Form 8 आवेदन स्थानांतरण से संबंधित हैं।
5,431 Form 8 आवेदन मतदाता विवरण में सुधार से संबंधित हैं।
निर्वाचन विभाग ने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि यदि उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form 6 और आवश्यक घोषणा व दस्तावेजों के साथ आवेदन करें। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख अब 18 सितंबर 2026 है।
राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट भी सक्रिय
SIR की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी भी दर्ज की गई है। विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने कुल 1,814 Booth Level Agents (BLAs) नियुक्त किए हैं। इनमें NPP के 736, BJP के 393, VPP के 320, INC के 186, UDP के 121 और AITC के 58 BLAs शामिल हैं।
इन एजेंटों की भूमिका मतदाताओं और निर्वाचन अधिकारियों के बीच प्रक्रिया को समझने तथा संबंधित मामलों की जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण हो सकती है। निर्वाचन अधिकारियों ने राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि वे नोटिस प्राप्त करने वाले अथवा ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं पाए जाने वाले मतदाताओं की प्रक्रिया में सहायता करें।
अंतिम मतदाता सूची 21 अक्टूबर को
Meghalaya में SIR की संशोधित समय-सारिणी के अनुसार दावे और आपत्तियों की अंतिम तारीख 18 सितंबर 2026 है। इसके बाद दावों और आपत्तियों के निपटारे तथा लंबित सुनवाई की प्रक्रिया 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। इसके बाद 21 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इसका मतलब है कि फिलहाल 542 अयोग्य पाए गए मतदाताओं का आंकड़ा प्रक्रिया के मौजूदा चरण से संबंधित है। अंतिम मतदाता सूची तैयार होने से पहले संबंधित मामलों में निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
क्या है SIR का उद्देश्य?
Meghalaya में SIR 2026 की शुरुआत मतदाता सूची को अधिक सटीक, समावेशी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की गई है। इससे पहले जुलाई में घर-घर जाकर Enumeration Forms वितरित करने और उन्हें डिजिटाइज करने का चरण पूरा किया गया था। निर्वाचन विभाग के अनुसार उस चरण में राज्य के 23,49,645 मतदाताओं को कवर किया गया था।
अब ड्राफ्ट सूची के बाद नोटिस, सुनवाई, दावे और आपत्तियों का चरण चल रहा है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल रिकॉर्ड संबंधी विसंगति के कारण न हटे।
कुल मिलाकर, मेघालय में SIR की प्रक्रिया अपने महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। 6.51 लाख नोटिसों में से 5.36 लाख से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है और 542 मतदाता अब तक जांच के बाद अयोग्य पाए गए हैं। हालांकि अंतिम तस्वीर 21 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची के बाद ही स्पष्ट होगी। तब तक लंबित सुनवाई, दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया जारी रहेगी।
