Mizoram

Mizoram की राजनीति में दिसंबर 2023 का महीना एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ, जब ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के नेता लालदुहोमा ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

दशकों से मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच सिमटी राज्य की राजनीति में ZPM की यह जीत एक बड़े राजनीतिक बदलाव का प्रतीक बनी। पूर्व IPS अधिकारी और पूर्व सांसद लालदुहोमा का मुख्यमंत्री बनना पूर्वोत्तर भारत के इस शांत राज्य के लिए एक नई शुरुआत माना जाता है।

1. ऐतिहासिक जनादेश और ZPM का उदय

Mizoram विधानसभा चुनाव के नतीजों में 40 सीटों वाली विधानसभा में ZPM ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 27 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सत्ताधारी दल MNF को 10 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा, जबकि कांग्रेस को केवल 1 सीट मिली और भाजपा को 2 सीटें हासिल हुईं।

ZPM की यह सफलता इस मायने में खास है कि यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं था, बल्कि क्षेत्रीय संगठनों, नागरिक समूहों, युवाओं और नागरिक समाज के एक गठबंधन के रूप में उभरा था। लालदुहोमा के नेतृत्व में ZPM ने जनता को “व्यवस्था परिवर्तन” (System Change) का नारा दिया, जिसने दशकों से एक ही प्रकार के राजनीतिक चक्र से ऊब चुके मतदाताओं, विशेषकर युवाओं को आकर्षित किया।

2. शपथ ग्रहण और नई सरकार की संरचना

आइजोल स्थित राजभवन में आयोजित एक सादे और गरिमापूर्ण समारोह में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंबमपति ने लालदुहोमा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। लालदुहोमा के साथ-साथ कई कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों का समावेश किया गया।

Mizoram CM Lalduhoma takes charge as ZPM president; party names new office-bearers

प्रमुख पद / मंत्रालयनाम / विवरण
मुख्यमंत्रीलालदुहोमा (ZPM के मुख्य नेता)
राज्यपालडॉ. हरि बाबू कंबमपति (शपथ दिलाने वाले)
विधानसभा सीटें (ZPM)27 में से 40 सीटें
प्राथमिक एजेंडाभ्रष्टाचार पर रोक, किसानों की सहायता, आर्थिक सुधार

3. लालदुहोमा: IPS अधिकारी से मुख्यमंत्री तक का सफर

लालदुहोमा का राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन बेहद दिलचस्प और विविधतापूर्ण रहा है:

  • भारतीय पुलिस सेवा (IPS): उन्होंने 1970 के दशक में IPS अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। वे नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सुरक्षा में तैनात रहे।

  • संसद में प्रवेश: 1984 में उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीता और सांसद बने।

  • दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता: 1988 में दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराए जाने वाले वे भारत के पहले सांसद बने थे।

  • ZPM की नींव: उन्होंने किसी भी पारंपरिक दल की अधीनता स्वीकार करने के बजाय क्षेत्रीय स्तर पर जन आंदोलनों को संगठित किया, जो आगे चलकर ZPM के रूप में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प बना।

4. सरकार की प्राथमिकताएं और वादे

कार्यभार संभालने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का ध्यान भाषणों से ज्यादा परिणाम देने पर होगा। उन्होंने सरकार के प्रथम 100 दिनों के लिए एक रोडमैप तैयार किया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance to Corruption)

ZPM सरकार ने राज्य से भ्रष्टाचार को समाप्त करने का सबसे बड़ा वादा किया है। लालदुहोमा ने सरकारी ठेकों में पारदर्शिता, वित्तीय अनियमितताओं की जांच और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का आश्वासन दिया।

Mizoram CM Lalduhoma takes charge as ZPM president; party names new office-bearers

किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)

कृषि प्रधान राज्य होने के नाते, लालदुहोमा ने किसानों की आय सुरक्षित करने के लिए स्थानीय फसलों और मिर्च, अदरक, हल्दी जैसी नकदी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने की योजना बनाई।

नशीले पदार्थों (Drugs) के खिलाफ अभियान

Mizoram सीमा से सटे होने के कारण मिजोरम में नशीली दवाओं की तस्करी और नशे की लत एक गंभीर सामाजिक चुनौती है। नई सरकार ने इसे रोकने के लिए कड़ी पुलिसिंग और पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता

राज्य में बेरोजगारी को दूर करने के लिए स्थानीय कौशल विकास और युवाओं को स्टार्ट-अप्स तथा कृषि-आधारित उद्योगों में अवसर देने पर जोर दिया गया है।

5. क्षेत्रीय राजनीति और केंद्र से संबंध

Mizoram एक सीमावर्ती और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य है। लालदुहोमा की सरकार के सामने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (म्यांमार और बांग्लादेश) से जुड़े मुद्दे और म्यांमार से आने वाले शरणार्थियों का प्रबंधन एक बड़ा विषय है।

लालदुहोमा ने स्पष्ट किया है कि वे पूर्वोत्तर की शांति और विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाए रखेंगे। इसके साथ ही, पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा विवादों को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए सुलझाने पर भी बल दिया है।

Mizoram में लालदुहोमा का मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालना केवल एक व्यक्ति या दल की जीत नहीं है, बल्कि यह मिजोरम की जनता द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और परिवर्तन के लिए दिया गया जनादेश है। पार पारंपरिक द्विदलीय व्यवस्था को खारिज कर नए क्षेत्रीय विकल्प को चुनना यह दर्शाता है कि पूर्वोत्तर के लोग विकास के नए मॉडल के लिए तैयार हैं। लालदुहोमा के सामने अपनी घोषणाओं को धरातल पर उतारने और मिजोरम को आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है।

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