Mammootty को चौथी बार मिला नेशनल फिल्म अवॉर्ड, स्टैंडिंग ओवेशन से गूंजा समारोह; कार्तिक आर्यन ने भी रचा इतिहास
भारतीय सिनेमा के लिए 22 सितंबर 2026 का दिन बेहद खास रहा। गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दिग्गज अभिनेता ममूटी को फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ में शानदार अभिनय के लिए मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करने के दौरान ममूटी को स्टैंडिंग ओवेशन मिला। उनके था। इस भूमिका के लिए अभिनेता को शारीरिक बदलाव और प्रशिक्षण से गुजरना पड़ा था। राष्ट्रीय पुरस्कार के रूप में मिली यह मान्यता उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में उनका चौथा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में पुरस्कार प्रदान किए। इस साल का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि इसे दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा में रचनात्मक और तकनीकी उत्कृष्टता को सम्मानित करने वाले देश के प्रमुख पुरस्कारों में शामिल हैं।
Mammootty की चौथी राष्ट्रीय जीत
Mammootty ने राहुल सदाशिवन के निर्देशन में बनी फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ में कोडुमोन पोत्ती का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी, वातावरण और ममूटी की अदाकारी ने दर्शकों और समीक्षकों का खास ध्यान खींचा। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उनके प्रदर्शन को चुना जाना उनके लंबे और प्रभावशाली फिल्मी करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
ममूटी के लिए यह जीत इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि इससे वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार चार बार हासिल करने वाले अभिनेताओं की सूची में शामिल हैं। इस बार पुरस्कार साझा किया गया और उनके साथ कार्तिक आर्यन को भी मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला।
समारोह में ममूटी के सम्मान के दौरान मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया भी चर्चा में रही। रिपोर्टों के मुताबिक, अभिनेता को पुरस्कार मिलने पर दर्शकों और समारोह में मौजूद लोगों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। यह पल उनके दशकों लंबे करियर और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक बन गया।
कार्तिक आर्यन ने भी साझा किया सम्मान
इस साल सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार केवल ममूटी तक सीमित नहीं रहा। कार्तिक आर्यन ने फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में मुरलीकांत पेटकर की भूमिका के लिए यह सम्मान हासिल किया। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, ममूटी और कार्तिक आर्यन दोनों को मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया। दोनों को रजत कमल और पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
‘चंदू चैंपियन’ में कार्तिक ने पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए अभिनेता को शारीरिक बदलाव और प्रशिक्षण से गुजरना पड़ा था। राष्ट्रीय पुरस्कार के रूप में मिली यह मान्यता उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक है।
Mammootty जैसे अनुभवी अभिनेता के साथ एक ही श्रेणी में पुरस्कार साझा करना कार्तिक के लिए भी विशेष उपलब्धि रही। इससे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के मंच पर अलग-अलग पीढ़ियों और भाषाई सिनेमा के कलाकारों को एक साथ सम्मान मिलने का संदेश भी सामने आया।
‘ब्रह्मयुगम’ और मलयालम सिनेमा की बड़ी उपलब्धि
ममूटी की व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ ‘ब्रह्मयुगम’ ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। फिल्म को अभिनय के अलावा तकनीकी श्रेणी में भी सम्मान मिला। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की आधिकारिक सूची में ‘ब्रह्मयुगम’ को मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में ममूटी के साथ दर्ज किया गया है।
मलयालम सिनेमा के लिए यह समारोह इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि अलग-अलग श्रेणियों में क्षेत्रीय फिल्मों और कलाकारों को पहचान मिली। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की परंपरा भारतीय सिनेमा की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को सामने लाने के लिए जानी जाती है।
कई फिल्मों और कलाकारों को मिला सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि इसी फिल्म के लिए यामी गौतम को मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान प्रदान किया गया। राजकुमार पेरियासामी को तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला। रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का सम्मान मिला।
वहीं ‘कल्कि 2898 एडी’ को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का पुरस्कार दिया गया। ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म और ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री चुना गया। इस तरह इस साल के पुरस्कारों में हिंदी, मलयालम, तमिल और अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों को अलग-अलग श्रेणियों में पहचान मिली।
यादगार बना राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह
ममूटी का चौथी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय सम्मान हासिल करना और उस मौके पर मिला स्टैंडिंग ओवेशन समारोह के सबसे चर्चित पलों में रहा। दूसरी ओर, कार्तिक आर्यन का पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान तक पहुंचना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि के तौर पर सामने आया।
एक ही श्रेणी में दो अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकारों का संयुक्त रूप से सम्मानित होना इस समारोह की खास बात
रही। ‘ब्रह्मयुगम’ में ममूटी के अभिनय और ‘चंदू चैंपियन’ में कार्तिक आर्यन के प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता बताती है कि भारतीय सिनेमा में अभिनय की विविध शैलियों और भाषाई पृष्ठभूमियों को लगातार व्यापक मंच मिल रहा है।

