BJP तिलक नगर थप्पड़ विवाद: BJP ने घटना पर जताया खेद, साहिब सिंह को बताया ‘आदतन अपराधी’
दिल्ली के तिलक नगर-विकासपुरी इलाके में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा द्वारा सड़क निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने वर्मा पर सवाल उठाए, जबकि दिल्ली भाजपा ने घटना को गलत बताते हुए मंत्री के बचाव में कई आरोप लगाए। भाजपा का कहना है कि जिस व्यक्ति को थप्पड़ मारा गया, उसकी पहले भी एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है।
1. सड़क निरीक्षण के दौरान क्या हुआ?
मामला 27 सितंबर 2026 का है। प्रवेश वर्मा एक सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के लिए पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी इलाके में पहुंचे थे। इसी दौरान वहां AAP विधायक जरनैल सिंह और उनके समर्थक भी मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वर्मा एक व्यक्ति के साथ बहस करते दिखाई देते हैं। इसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति का मोबाइल नीचे किया और उसे थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो AAP नेताओं ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद विवाद तेजी से बढ़ गया।
थप्पड़ खाने वाले व्यक्ति की पहचान साहिब सिंह के रूप में हुई है। रिपोर्टों के अनुसार वह जरनैल सिंह से जुड़ा हुआ है और सड़क निरीक्षण के दौरान वीडियो बना रहा था।
2. प्रवेश वर्मा ने क्या सफाई दी?
प्रवेश वर्मा ने घटना के बाद अपने पक्ष में कहा कि साहिब सिंह ने उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके निरीक्षण में राजनीतिक तरीके से बाधा डालने की कोशिश की गई।
वर्मा ने यह भी कहा कि वे सड़क का निरीक्षण करने गए थे क्योंकि संबंधित सड़क लंबे समय से निर्माण की प्रतीक्षा में थी और एक धार्मिक आयोजन को देखते हुए वहां काम जरूरी था। उन्होंने बाद में यह स्वीकार किया कि जिस तरह घटना हुई, वह नहीं होना चाहिए था।
3. BJP ने घटना को ‘गलत’ बताया
दिल्ली भाजपा ने आधिकारिक तौर पर घटना पर खेद जताया है। पार्टी के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि विकासपुरी में जो हुआ, वह गलत था और वर्मा ने भी इसे स्वीकार किया है।
हालांकि भाजपा ने इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि AAP विधायक जरनैल सिंह लगभग 50 समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने तथा उनके समर्थकों ने वर्मा के साथ अशोभनीय व्यवहार किया।
यह भाजपा का आरोप है; इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
4. साहिब सिंह पर पुराने मामले का दावा
विवाद का दूसरा प्रमुख पहलू साहिब सिंह से जुड़ा एक पुराना मामला है। भाजपा ने दावा किया है कि साहिब सिंह के खिलाफ 2 जून 2026 को तिलक नगर थाने में मामला दर्ज हुआ था और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
मीडिया रिपोर्टों में पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से बताया गया है कि मामला एक MCD सफाई कर्मचारी धन बहादुर के साथ कथित मारपीट से संबंधित था। रिपोर्ट के मुताबिक साहिब सिंह इस मामले में बाद में जमानत पर बाहर आए।
भाजपा नेताओं ने इसी पुराने मामले के आधार पर साहिब सिंह को “आदतन अपराधी” बताया है। हालांकि यह भाजपा द्वारा इस्तेमाल किया गया आरोप/वर्णन है; किसी व्यक्ति को अंतिम रूप से अपराधी या ‘आदतन अपराधी’ मानने के लिए न्यायिक रिकॉर्ड और मामले के अंतिम परिणाम को देखना जरूरी है।
5. पुराने मामले में क्या आरोप था?
रिपोर्टों के अनुसार, जून में MCD कर्मचारी धन बहादुर ने शिकायत की थी कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी के काम के दौरान कुछ लोगों ने उसे रोका, वाहन से उतारा और उसके साथ मारपीट की।
पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर इस मामले में FIR संख्या 215/2026 दर्ज की गई थी। रिपोर्टों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
यह भी रिपोर्ट किया गया है कि मामले में साहिब सिंह की गिरफ्तारी हुई थी और वह फिलहाल जमानत पर हैं।
6. AAP और BJP के आरोप आमने-सामने
घटना के बाद दोनों दलों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं। AAP ने वर्मा द्वारा सार्वजनिक रूप से एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने को मुद्दा बनाया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर BJP ने कहा कि घटना को केवल वीडियो के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए और इसके पीछे मौजूद परिस्थितियों को भी समझना चाहिए। पार्टी ने जरनैल सिंह पर वर्मा को उकसाने का आरोप लगाया है।
इस तरह विवाद अब केवल थप्पड़ मारने की घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।
7. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
मामले में पुलिस के पास अलग-अलग पक्षों से शिकायतें पहुंची हैं। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार पुलिस को कुल पांच शिकायतें मिली थीं। इनमें साहिब सिंह की शिकायत, PWD कर्मचारियों की शिकायतें और भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतें शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि शिकायतों की जांच की जा रही है।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने वर्मा के खिलाफ घटना को लेकर non-cognisable report (NCR) दर्ज की है। शिकायतों और उपलब्ध सामग्री की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
8. राहुल गांधी ने भी साधा निशाना
घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए वर्मा की आलोचना की और इसे सत्ता के व्यवहार से जोड़कर सवाल उठाए।
इसके जवाब में प्रवेश वर्मा ने राहुल गांधी से कहा कि वे इस मामले से दूर रहें और उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। इससे विवाद को राजनीतिक स्तर पर और अधिक प्रतिक्रिया मिली।
9. विवाद का मुख्य मुद्दा क्या है?
पूरे मामले में दो अलग-अलग प्रश्न सामने आते हैं। पहला, क्या किसी सार्वजनिक अधिकारी द्वारा सड़क निरीक्षण के दौरान किसी व्यक्ति को थप्पड़ मारना उचित था? दूसरा, क्या उस व्यक्ति के पुराने आपराधिक मामले और कथित दुर्व्यवहार से उस समय हुई झड़प की परिस्थितियां प्रभावित हुईं?
BJP ने दूसरे पहलू पर जोर दिया है, जबकि AAP और विपक्षी नेताओं ने पहले पहलू को प्रमुखता दी है। दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग रखकर देखना जरूरी है।
निष्कर्ष
तिलक नगर-विकासपुरी का थप्पड़ विवाद अब दिल्ली की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। भाजपा ने घटना को गलत बताते हुए खेद व्यक्त किया है, लेकिन साथ ही साहिब सिंह के पुराने मामले का हवाला देते हुए उन्हें “आदतन अपराधी” बताया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार साहिब सिंह के खिलाफ जून 2026 में MCD कर्मचारी से कथित मारपीट का मामला दर्ज हुआ था और उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी
हालांकि, पुराने मामले में FIR या गिरफ्तारी होना अपने-आप किसी व्यक्ति को कानूनी रूप से दोषी साबित नहीं करता। दूसरी ओर, मौजूदा थप्पड़ मामले में भी पुलिस को मिली शिकायतों की जांच जारी है। इसलिए इस विवाद में भाजपा, AAP और संबंधित व्यक्तियों के दावों को पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम निष्कर्ष से अलग रखना महत्वपूर्ण है।

