गुरुग्राम, 09 अप्रैल साइबर सिटी में शनिवार सुबह गो-तस्करी के आरोपितों ने लगभग एक घंटे तक
आतंक मचाया।
अंत में गोरक्षा दल के सहयोग से भोंडसी थाना पुलिस ने पांच को गिरफ्तार कर लिया। एक भागने
में कामयाब रहा।
गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान नूंह जिले के आकेड़ा निवासी यहाया, बल्लू, गांव
सालहेड़ी निवासी तस्लीम,
फरीदाबाद जिले के गांव आलमपुर निवासी खालिद और गांव धौज निवासी शाहिद के रूप
में की गई। इनमें से चोट लगने की वजह से खालिद और शाहिद को जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया
है। अन्य को अदालत में पेश किया गया,
जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया। बताया
जाता है कि घायल आरोपितों के खिलाफ फरीदाबाद में कई मामले दर्ज हैं। फरीदाबाद पुलिस दोनों की तलाश कर
रही थी।
शनिवार अलसुबह लगभग चार बजे गोरक्षा दल के संयोजक मोनू मानेसर को सूचना मिली कि दिल्ली के इलाके से
गायों को 407 में भरकर गो-तस्कर गुरुग्राम की सीमा में कुछ ही देर में प्रवेश करने वाले हैं।
इसके बाद वह अपनी
टीम के साथ सिरहौल बार्डर पर पहुंचकर गाड़ी का इंतजार करने लगे। लगभग पौने पांच बजे दिल्ली की तरफ से
गाड़ी को आते देख टीम ने रोकने का इशारा किया लेकिन गाड़ी नहीं रोकी गई।
इस बीच टीम ने पुलिस कंट्रोल रूम
में सूचना देने के साथ ही पीछा करना शुरू किया।
टीम को रोकने के लिए आरोपितों ने एक गाय को सड़क पर
फेंक दिया। इस तरह गोल्फ कोर्स रोड होते हुए आरोपित भोंडसी इलाके में पहुंच गए। कई किलोमीटर तक कहीं भी
पुलिस दिखाई नहीं दी। सेक्टर-56 इलाके में पुलिस दिखी।
टीम के साथ पुलिस भी पीछे लग गई।
रास्ते में टीम और पुलिस को रोकने के लिए एक-एक करके सभी सात गायों को आरोपितों ने सड़क पर फेंक दिया।
यही नहीं टीम को निशाना बनाकर चार-पांच राउंड फायरिग भी की गई।
भोंडसी के नजदीक गुरुग्राम-सोहना हाईवे
पर स्थानीय पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी।
वहां पर पुलिस को देखते ही आरोपित गाड़ी छोड़कर भागने लगे।
शाहिद सामने से आ रही बस की चपेट में आकर घायल हो गया।
अन्य पांच फ्लाईओवर से कूद गए। इनमें से एक
भागने में कामयाब रहा। अन्य गिरफ्तार कर लिए गए। गाड़ी को जब्त कर लिया गया।
उसमें से एक कट्टा, पांच
खाली कारतूस और एक जिदा कारतूस की बरामदगी की गई। टायर पंक्चर होने के बाद भी आरोपितों ने गाड़ी नहीं
रोकी।

