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गुरुग्राम, 20 मई । घटते भू-जल स्तर और जल संरक्षण करने के उद्देश्य प्रदेश सरकार की मेरा पानी
मेरी विरासत योजना को अपनाना समय की मांग है।

सरकार द्वारा किसानों को इस योजना में शामिल होकर लाभ
लेने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है।

कोई भी किसान अगर धान की जगह दूसरी फसलें उगाता है तो
सरकार उसे प्रोत्साहन राशि के रूप में 7 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दे रही है।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने जिला के किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी जीवन में जल की
महत्ता को समझते हुए फसल विविधीकरण पर ध्यान दें।

उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर मौजूद किसी भी जीवन के लिए

पानी बेहद आवश्यक है। ऐसे में भविष्य में पानी से जुड़ी चिंताओं को ध्यान रखते हुए हम सभी को इसके संरक्षण
की दिशा में कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने इन्हीं उद्देश्यों के साथ वर्ष 2020-21 में मेरा
पानी मेरी

विरासत योजना की शुरुआत की थी। योजना के माध्यम से जल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे लोगों व संस्थाओं
को विभिन्न प्रकार के अनुदान दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिला का कोई किसान धान की फसल

को छोड़ कर अन्य फसल जैसे मक्का, कपास, अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, सोयाबीन तिल, मूंगफली, अरंडी या
बागवानी से सम्बन्धित फसल लेता है तो प्रति एकड़ सात हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

यदि किसी किसान ने पिछले वर्ष धान की बजाए अन्य फसल ली हो। इस बार भी उसी खेत पर अन्य फसल
बोएगा तो भी उनको प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

धान के बदले खाली खेत छोडऩे वाले किसान को भी प्रोत्साहन
राशि प्रदान की जाएगी। जिसकी पुष्टि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग

, बागवानी विभाग, पटवारी, नम्बरदार व
सम्बन्धित किसान की गठित कमेटी द्वारा की जाएगी।

पुष्टि के उपरांत प्रोत्साहन राशि की अदायगी ई पेमेंट के
माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग व बागवानी
विभाग से किया जा सकता है।