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वाराणसी, 22 मई ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में लोगों की निगाहें अब वाराणसी जिला न्यायालय पर
टिकी हैं। वहीं, ज्ञानवापी की मुक्ति के लिए पूजन-अर्चन भी हो रही है। बाबा के सनातनी भक्तों के साथ विदेशी

भक्त भी ज्ञानवापी की मुक्ति के लिए हवन पूजन में उत्साह से शामिल हो रहे हैं। रविवार को सामने घाट, छितूपुर
तारानगर कॉलोनी स्थित वेद मंदिर में ज्ञानवापी की मुक्ति के लिए वैदिक ब्राह्मणों ने पूजन-अर्चन किया। इसमें

जर्मन निवासी भक्त ज्योखिम्ं नुशच ने भाग लिया और शंखनाद कर ज्ञानवापी की मुक्ति की कामना की।
वैदिक एजुकेशनल रिसर्च सोसायटी के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पंडित शिव पूजन शास्त्री के संयोजन में आयोजित

शंखनाद में वैदिक ब्राह्मणों ने विधि-विधान से देव विग्रहों का पूजन-अर्चन कर शंख ध्वनि किया। समारोह के मुख्य
अतिथि जर्मन निवासी ज्योखिम्ं नुशच रहे। उन्होंने स्वयं अपने मुख से शंख बजाया और हर-हर महादेव का

परम्परागत उद्घोष किया। इस दौरान पंडित शिवपूजन शास्त्री ने कहा कि ज्ञानवापी को तो मुक्त होना ही है।
क्योंकि वहां पर स्वयं बाबा विश्वनाथ विराजमान हैं।

वह अभी समाधि में हैं और जिस दिन समाधि टूटेगी,
ज्ञानवापी अपने आप मुक्त हो जाएगी।

उधर ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने का वीडियो भी वायरल होता रहा। वीडियो में कुछ लोगों को मस्जिद के तहखाने
के अंदर से बांस और बल्लियां निकालते देखा गया।

यह वीडियो 10 नवंबर 2021 का है। इसमें श्रृंगार गौरी मंदिर
के महंत जितेंद्र व्यास और उनके परिवार के लोग शामिल हैं।

श्रीरामचरित मानस नवाह्न पाठ महायज्ञ समिति के
पत्र में भी लिखा गया है

कि 10 नवंबर को साढ़े 12 बजे दिन में तहखाने से लकड़ी की सीढ़ी, बांस और बल्लियां
निकालीं गई हैं। इस कागज में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यास परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।