लखनऊ, संभल जनपद में स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में फल फूल रहा झोला छाप डॉक्टरों का धनधा मरीजों के साथ हो रहा है
खिलवाड़ स्वास्थ विभाग सो रहा कुंभ करनी नींद,जब तक स्वास्थ विभाग जागेगा तब तक शायद बहुत देर हो चुकी होगी,
सूत्रों से मिलीं जानकारी के अनुसार जनपद संभल में झोला छाप डॉक्टरों ने तहसील गुन्नौर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर
अपने अपने दलालों को छोड़ रखा है जेसे ही समुदायक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर पर कोई प्रसूस्ता महिला भरती होती है वैसे ही उस मरीज के आस पास झोला छाप डॉक्टरों के दलाल गिद्ध की तरह मंडराने लगते हैं और मरीज तथा मरीज के
रिश्तेदारों को न जाने कोन सी ऐसी गोट बिठाते हैं जिस से मरीज और इसके तीमारदार समुदायक स्वास्थय केन्द्र गुन्नौर से निकलकर झोला छाप डॉक्टरों के शरण में चले जाते हैं, जिधर देखो उधर ही कुकरमुत्ते की तरह झोला छाप डॉक्टर नजर
आ जायेगा, मिली जानकारी के अनुसार उक्त जनपद की तहसील गुन्नौर, की स्थिति बहुत ही चिंताजनक है स्वास्थय विभाग समय रहते नहीं चेता तो शायद सरकार के इस समुदाय स्वास्थय केंद्रों से गरीब और बे सहारा वायक्ती यूं ही इन दलालों के
हाथों और झोला छाप डॉक्टरों से लुटते रहेंगे ,प्रत्येक दिन एक नया अस्पताल या क्लिनिक खोला जा रहा जो कि मानकों को पूरा किए बिना और एक बोर्ड लगा दिया जाता है
उस पर अमुक डॉक्टर का नाम और डिग्री लिख दी जाती है जबकि उक्त डॉक्टर ने न ही कभी वोह अस्पताल या क्लिनिक की शक्ल देखी होगी और तो और न ही नाम भी नहीं सुना होगा,
अब सबसे हैरत अंगैज बात तो है कि जितने भी यह झोला छाप डॉक्टर हैं उनकी सबकी आयु लगभग 20 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक की आयु वाले ही नवयुवक ही लगे हुए हैं
,जिसके चलते मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. जिले में इसकी वजह से आए दिन कई मौतें हो चुकी हैं.और बिना, डिग्री-डिप्लोमा उपचार कर रहे हैं.
जबकि स्वास्थय विभाग के माध्यम से आज तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है, हमारी टीम ने झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा किये जा रहे उपचार का अलग-अलग क्षेत्रों में कवरेज कर हकीकत का जायजा लिया.तब यह पता चला कि
बदलते मौसम के चलते उपरोक्त जनपदों के सैकड़ों गांव में वायरल फीवर और डेंगू जैसे खतरनाक बीमारी का प्रकोप चरम सीमा पर फैला हुआ है, तो वहीं इस बीमारी का फायदा उठाते हुए झोलाछाप चिकित्सक जिनके पास ना तो डिप्लोमा
है और ना ही कोई डिग्री यहां तक कुछ डॉक्टर तो कक्षा 8 पास ही हैं, वह भी स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में फल फूल रहे इसकी हकीकत का जायजा लेने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से कवरेज कर मीडिया ने हकीकत का जायजा लिया तो
कवरेज के दौरान किस तरह के नजारे देखने के मिले आइए आपको बताते हैं.
जनपद संभल के गुन्नौर क्षेत्र में फर्जी बंगाली डॉक्टर अस्पताल में कंपाउंडर बनकर फोड़ा फुंसी की चीर फाड़ का काम करते हैं, लेकिन इन दिनों निजी अस्पताल खोलकर फोड़ा फुंसी के अलावा डेंगू और वायरल फीवर के साथ- साथ अन्य
गुप्त रोगों का भी उपचार करते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि उनके पास कोई भी डिग्री और डिप्लोमा नहीं है.
सूत्रों की मानें तो उक्त अस्पतालों में और क्लीनिकों में उपरोक्त फर्जी डॉक्टर द्वारा अस्पतालों खुले आम गर्भ पात भी कराया जा रहा है
जिसके एवज में मोटी रकम वसूली जाती है और उसकी गंदगी ग्रामों के घूरों आदि में फेंक दी जाती है,और गर्भपात के दौरान जो भूर्ण होते हैं उसको ग्रामों के आवारा कुत्ते घसीट घसीट कर आबादी वाले क्षेत्रों में ले जाकर डाल देते हैं
जिस से समाज और वायु दोनो का वातावरण दूषित होता है।
वहीं, जनपद के अनेकों ऐसे हॉस्पिटल हैं जो कि शोरूम के रूप में खुले हुए है और अच्छा खासा बोर्ड भी लगा हुआ है. अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के साथ-साथ भ्रूण हत्या का भी काम होता है,
यहां तक एमबीबीएस डॉक्टर के नाम भी लिखे हुए होते हैं
और स्त्रीरोग विशेषज्ञ पुरुष रोग विशेषज्ञ तथा सेक्स स्पेशलिस्ट और तो और कैंसर जैसी भयानक बीमारी का भी यह झोला छाप डॉक्टर गारंटी के साथ इलाज करने का दावा करते हैं।
ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग को इन फर्जी डॉक्टरों की जानकारी नहीं है,
लेकिन कार्यालय से संबंध रखते हुए मंथली सुविधा शुल्क देकर खुलेआम उपचार कर रहे हैं. जिसके चलते झोलाछाप चिकित्सकों के उपचार से अब तक अनगिनत मौतें भी हो चुकी हैं,
फिर भी स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बना रहता है,और तो और इन जनपदों में के ड्रग इंस्पेक्टर प्रत्येक महीना सुविधा शुल्क लेकर अनगिनत फर्जी मेडिकल स्टोर्स भी धड़ल्ले से चलवा रहे हैं उक्त मेडिकल स्टोर्स पर ज्यादर जेनरिक दवाइयां बेची
जाती हैं जिनपर उनके मूल से कहीं अधिक पैसा मरीजों से बसूला जाता है और तो और एक्सपायरी दवाइयां भी मरीजों को बेच दी जाती हैं,
देखना यह होगा कि योगी राज में इतनी सख्ती के बा बजूद स्वास्थ विभाग, और झोला छाप डॉक्टर बे खोफ होकर जनता के स्वास्थ के साथ कर रहे इस खिलवाड़ को कब बंद करेंगे ।

