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नई दिल्ली, 07 जून  परिवहन विभाग एमवी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत बस लेन प्रवर्तन
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अभियान तेजी से चल रहा है।

विभाग द्वारा 6
जून तक कुल 28086 चालान किए जा चुके हैं।

इनमें बस लेन का उल्लंघन करने वाले बस चालकों के 1007 और बस लेन में पार्किंग करने वाले निजी वाहन
मालिकों के 27079 चालान किए गए हैं। इस कार्रवाई के तहत कुल 419 वाहनों पर गलत पार्किंग के लिए उठाने

की कार्रवाई भी की गई हैं। प्रवर्तन टीम बस लेन अनुशासन के उल्लंघन के लिए संबंधित नियमों के तहत जुर्माना
लगाकर चालान की कार्रवाई जारी रखेंगे।

यह जानकारी परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आज दी।
दरअसल, मंगलवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने परिवहन विभाग, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), दिल्ली

इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बस लेन
और बस क्यू शेल्टर (बीक्यूएस) का निरीक्षण किया।

सिस्टम (डीआईएमटीएस) लिमिटेड, दिल्ली ट्रांसपोर्ट
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीटीआईडीसी) लिमिटेड,

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), और प्रवर्तन
अधिकारियों के सहयोग से ‘प्रवर्तन अभियान’ के 67 दिन पूरे हो गए।

प्रवर्तन अभियान को लेकर बस यात्रियों और
नागरिकों से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है।

निरीक्षण के दौरान परिवहन मंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को बस मार्शलों के सहयोग से जागरूकता और
निरंतर निगरानी कर महिपालपुर क्रॉसिंग के पास निजी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग से बस लेन को मुक्ति दिलाने

के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आउटर रिंग रोड स्थित धौला कुआं व लाजवंती चौक का भी दौरा किया। इस
क्षेत्र में निजी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की कई शिकायतें थीं।

एक अप्रैल से शुरू हुआ था ‘प्रवर्तन अभियान’
दिल्ली सरकार ने 1 अप्रैल 2022 को बसों और मालवाहक वाहनों के लिए एक प्रवर्तन अभियान शुरू किया था,

ताकि सड़क पर सुरक्षा को बढ़ाया जा सके और भीड़भाड़ को कम किया जा सके। इस ‘प्रवर्तन अभियान’ के दौरान
पूरे शहर की डीटीसी और क्लस्टर बसें अपने बस लेन पर चल रही हैं

और केवल चिन्हित बस स्टॉप पर रुकती हैं।
किसी अन्य वाहन को बस लेन में चलने और खड़े करने की अनुमति नहीं है।

हालांकि ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, तीन पहिया सामान और सभी निजी वाहनों के यात्रियों को निर्धारित बस कतार आश्रयों
(बीक्यूएस) से लगभग 75 मीटर आगे ले जाने और छोड़ने की अनुमति दी गई है।

ऐसे वाहनों द्वारा बस लेन में
किसी भी पार्किंग को लागू होने वाले एमवी अधिनियम, 1988 के तहत परमिट नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।