रुद्रपुर। उधमसिंह नगर में खनन पट्टा की आड़ में अवैध खनन का खेल लगातार जारी है। खनन माफिया सरकार को लाखों रुपयों का चूना लगा रहे हैं लेकिन प्रशासन पूरी तरह से मौन धारण किए बैठा हुआ है।
जबकि जिलाधिकारी उधमसिंह नगर लगातार कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जनपद में अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। जनपद के बाजपुर, किच्छा और सितारगंज क्षेत्र में खनन पट्टों की आड़ में जमकर अवैध खनन और मिट्टी का कारोबार किया जा रहा है। जिससे
सरकार को रोजाना लाखों का राजस्व का नुकसान हो रहा है।
अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे दिनदहाड़े जेसीबी मशीनों से नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। लेकिन जीरो टॉलरेंस की सरकार के अधिकारी एयरकंडीशनर कमरों में बैठ कर राजस्व लूटता देख रहे हैं।
किच्छा तहसील से महज कुछ किलोमीटर दूर काली मंदिर से शुरू होते हुए कोटखर्रा, शांतिपुरी नंबर 3, शांतिपुरी नंबर 4 तक अवैध खनन लगातार जारी है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा दिए गए पट्टों से भी अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है।
हालांकि प्रशासन द्वारा हो हल्ला होने पर छापेमारी कर अपने कर्तव्य की इति श्री कर ली जाती है। लेकिन खनन के बड़े कारोबारियों पर हाथ डालने से प्रशासन भी बचता दिखाई दे रहा है।
वहीं जिलाधिकारी युगल किशोर पंत का कहना है कि जनपद में कई सारी नदियों में सरकार द्वारा खनन पट्टे आवंटित किए गए हैं। जिसमें समय-समय पर अवैध खनन की सूचना मिलती रहती है और जिस पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई भी की जाती
है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अवैध खनन का माल लेने वाले स्टोन क्रेशरों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
बताते चलें कि जनपद उधमसिंह नगर में खनन पट्टों की आड़ में जमकर अवैध खनन का धंधा चल रहा है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा हुआ है।
बाजपुर, किच्छा और सितारगंज क्षेत्र में खनन पट्टों की आड़ में धड़ल्ले से अवैध खनन और मिट्टी का कारोबार जारी है। इससे एक तरफ जहां सरकार को रोजाना लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है,
वहीं अवैज्ञानिक तरीक़े से नदी में भारीभरकम जेसीबी मशीनें चलने से पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंचाई जा रही है।

