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हल्द्वानी। बनभूलपुरा निवासियों ने अपने घरों, स्कूलों, अस्पताल को बचाने की लड़ाई को लेकर नैनीताल लोकसभा क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट के लापता होने के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं।

बस्ती बचाओ संघर्ष समिति बनभूलपुरा द्वारा कहा गया कि हमारी बस्ती को बचाने के लिए सांसद अजय भट्ट ने कोई प्रयास नहीं किए हैं। इसी के चलते बनभूलपुरा बाशिंदों ने सांसद के निर्वाचित लोकसभा क्षेत्र में उपस्थित ना रहने के कारण

उनकी गुमशुदगी ‘हमारे घर, स्कूल, अस्पताल को रेलवे उजाड़ने को हैं’ और हमारे सांसद लापता हैं’ शीर्षक से पोस्टर चस्पा किए।

इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि रेलवे हमारे घरों, स्कूलों, अस्पताल आदि सरकारी संस्थानों को उजाड़ने पर तुला हुआ है। यह जमीन उत्तराखंड के राजस्व विभाग में ‘खेवट’ (अंडर ट्रांसफर) अंकित है, यानी यह जमीन किसी को जारी नहीं की गई है। इस स्थिति में यह जमीन उत्तराखंड सरकार की और वहां रह रहे निवासियों की है। नगर निगम

द्वारा उनसे कर लिया जाता है। स्थानीय निवासियों के पास जमीन के पट्टे, फ्री होल्ड तक मौजूद हैं। बिजली, पानी के कनेक्शन आदि सरकारी कागजात मौजूद हैं। सरकारी स्कूल, अस्पताल, सड़क आदि सरकारी संस्थान वहां बने हुए हैं।

यह तो सरकार ने किसी की जमीन पर अतिक्रमण कर नहीं बनाये हैं। यहां पर रहने वाले लोग गरीब, मज़दूर-मेहनतकश हैं। जो पूरे हल्द्वानी शहर को अपनी मेहनत से खूबसूरत बनाने, संवारने और सजाने का काम करते हैं। जिन्हें रेलवे प्रशासन

मनमाने तरीके और तानाशाहीपूर्ण रवैये से हटाना चाहता है। उत्तराखंड सरकार को इस जमीन की न्यायालय सहित न्याय के सभी मंचों में पैरवी करनी चाहिए। विधानसभा में मजबूती से अपनी जमीन का पक्ष रखना चाहिए। हमारे सांसद महोदय

को इस जमीन की पैरवी न्यायालय सहित न्याय के सभी मंचों में और लोकसभा में भी करनी चाहिए। जो कि नहीं की जा रही है। ऐसे में सांसद अजय भट्ट द्वारा बस्ती के मामले में कोई आवाज नहीं उठाना यह उनके द्वारा अपने इस निर्वाचित

क्षेत्र बस्ती के लिए तिरस्कार पूर्ण कार्यवाही है। यह पोस्टर सांसद महोदय की गुमशुदगी के बारे में लगाए जा रहे हैं। जिससे हम सांसद महोदय से अपील करते हैं

कि वह अपने निर्वाचित क्षेत्र में रहकर लोगों की समस्याओं का निराकरण करें और बस्ती के मामले की पैरवी मजबूत ढंग से करें और हमारे साथ न्याय कर हम गरीब मजदूर व मेहनतकश लोगों के साथ खड़े हों।

इस मौके पर अफसरी मुखतरी, हमीदन, आलिया परवीन, रजनी जोशी, इन्शा, शोबी, शना, खुशनमा, रिहाना, फैयाजउद्दीन, रियासत, नसीम, रईस, वासिद सहित बस्ती के तमाम महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।