इंडिया सावधान न्यूज़ मजहर अंसारी
लखनऊ केंद्र सरकार की ओर से सेना में भर्ती की नई योजना अग्नीपथ के खिलाफ यूपी के लगभग 16 शहरों बलिया, वाराणसी,फिरोजाबाद, मथुरा,
जौनपुर, देवरिया,आगरा, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, कुशीनगर, गाजियाबाद, अलीगढ़, उन्नाव, बाँदा (खुर्जा) बुलंदशहर अमेठी में प्रदर्शन तोड़ फोड़ जारी पुलिस चौकी फूंकी देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को यूपी
के अलीगढ़ में एक पुलिस चौकी को ही आग लगा दी वहां खड़े वाहनों को भी फूंक दिया गया सबसे मजेदार बात तो यह रही कि उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है कुछ छुटपुट घटनाएं हुई हैं
, जबकि समूचा प्रदेश इस अग्निपथ को को लेकर अग्नि के हवाले इन दंगाईयों ने कर दिया,वहीं उनका कहना था कि कुछ एक जिलों में छिटपुट घटनाएं हुई है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बलिया में उपद्रवियों ने ट्रेन को ही आग के हवाले कर दिया और तो और अलीगढ़ में रोडवेज बस के टायर में आग लगाई
, फिरोजाबाद में बसों में तोड़फोड़ की है और वहीं पुलिस अधिकारी अभ्यर्थियों से वार्ता कर रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अलीगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी खैर संजय मिश्रा को बंधक बना लिया
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर युवाओं द्वारा जाम के बाद यमुना एक्सप्रेसवे को बंद कर दिया गया है वही आगरा के खंदोली टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी लाइन लगी हुई है,
अलीगढ़ में सीओ समेत अन्य कई पुलिस अधिकारियों के घायल होने की सूचना है।
वहीं बलिया में तोड़फोड़ और आगजनी के आरोप में अब तक सबसे ज्यादा युवकों को गिरफ्तार किया गया है उनके
खिलाफ शांति भंग की धारा 151 में चालान किया है भीड़ ने स्टेशन पर खड़ी बलिया वाराणसी मेमू बलिया शाहगंज सवारी गाड़ी व सियालदह एक्सप्रेस में तोड़फोड़ की।
देश में चारों ओर अराजकता का माहौल बना हुआ है मगर हमारे देश के प्रधान अभी भी मौन हैं,इस लोकतांत्रिक देश में बड़ी ही अजीब से विडंबना है कि वोह ही पत्थर बाज़ कश्मीर में पत्थर चलाते हैं
तो वो आतंकवादी होते हैं और अगर जुमे के दिन पत्थर चलाते हैं तो उपद्रवी कहलाते हैं और रेलवे को फूंक दें,पुलिस पर पत्थर चलाकर खदेड़ने का काम करें
आम आदमी का जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाए सरकारी संपत्ति प्राइवेट संपत्ति को स्वाह कर दिया जाय तो वोह सिर्फ पत्थरबाज़ भटके हुए नौजवान कहलाते हैं
जबकि पत्थर बाज़ सिर्फ पत्थरबाज ही होता है,आज देश को जरूरत है इन नौजवानों के दर्द को समझने की इनकी समस्याओं की और ध्यान देने की इनको रोजगार के अवसर प्रदान करने की,

