तिरुवनंतपुरम, 23 जून । लोकनाथ बेहरा को राज्य के पुलिस प्रमुख (एसपीसी) के पद से सेवानिवृत्त हुए
एक साल होने जा रहा है
, लेकिन उनके साथ विवाद जारी है और एक ताजा मामले में सुरक्षा कर्मियों का अधिक
आवंटन शामिल है।
केरल पुलिस द्वारा टेक्नोपार्क को सुरक्षा कवर के भुगतान के संबंध में 1.70 करोड़ रुपये के
भुगतान के संबंध में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के समक्ष एक फाइल आई है।
टेक्नोपार्क की सुरक्षा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल, केरल पुलिस की एक शाखा के पास निहित है। 2017 में
टेक्नोपार्क ने केरल पुलिस से 22 अधिकारियों के बल के लिए अनुरोध किया था और बेहरा द्वारा अतिरिक्त 18
अतिरिक्त दिए गए थे। संयोग से बेहरा की पत्नी वहां की एक आईटी कंपनी में काम करती थीं। हैरानी की बात
यह है
कि बेहरा के पिछले जून में सेवा से सेवानिवृत्त होने के तुरंत बाद केरल पुलिस के अतिरिक्त कर्मचारियों को
वापस ले लिया गया था।
यह मामला तब सामने आया, जब वर्तमान एसपीसी अनिल कांत ने एक ऑडिट रिपोर्ट के बाद गृह सचिव को इस
बारे में लिखा कि टेक्नोपार्क को 1.70 करोड़ रुपये की यह बकाया राशि का भुगतान करना है,
लेकिन टेक्नोपार्क
द्वारा इस पर आपत्ति जताई गई थी कि उन्होंने केवल 22 के लिए कहा था।
शर्तो के अनुसार, एसआईएसएफ की सेवाओं का लाभ उठाने वालों को ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक पुलिस अधिकारी के
लिए प्रतिदिन 1,400 रुपये का भुगतान करना होगा और यदि पुलिस अधिकारी के पास बंदूक है तो यह दर 1,500
रुपये है। अब सभी की निगाहें विजयन पर हैं, जिन्हें अंतिम फैसला लेना है। सूत्रों का कहना है कि बेहरा के लिए
मुख्यमंत्री का सॉफ्ट कॉर्नर है,
जिन्हें एसपीसी के रूप में सेवानिवृत्त होने के तुरंत बाद कोच्चि मेट्रो का प्रमुख बनाया
गया था।

