फरीदाबाद, 23 जून । बिजली बिलों के भुगतान से मिली 19.37 लाख रुपये की राशि को दक्षिण
हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के खाते में जमा कराने की बजाय गबन करने के आरोपित कैशियर
को क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 ने गिरफ्तार किया है। बुध सिंह नाम का यह आरोपित करीब आठ महीने से फरार था।
अब क्राइम ब्रांच ने उसे सेक्टर-23 से पकड़ा है।
क्राइम ब्रांच ने आरोपित को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड
पर लिया है।
क्राइम ब्रांच प्रभारी ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि बुध सिंह मूलरूप से हिमाचल प्रदेश जिला मंडी के गांव चूल्हा का
निवासी है। साल 1992 में वह डीएचबीवीएन में भर्ती हुआ था। साल 2018 में उसकी नियुक्ति बदरौला सब
डिवीजन में कैशियर के पद पर हुई। आरोपित पर बिजली उपभोक्ताओं से बिजली बिलों के भुगतान से मिली
धनराशि को आनलाइन अपडेट करने, राशि को डीएचबीवीएन के खाते में जमा कराने व कैशबुक में इसकी एंट्री
करने का कार्यभार था। साल 2021 में बदरौला सब डिवीजन का आडिट हुआ। उसमें 2019 और 2020 की कैशबुक
गायब मिली। वहीं 19.37 लाख रुपये की राशि का भी हेरफेर मिला। डीएचबीवीएन ने जांच कराई तो सामने आया
कि कैशियर बुध सिंह उपभोक्ताओं से बिजली बिल के रुपये ले लेता था। उनकी एंट्री भी आनलाइन दर्ज कर देता
था, मगर रुपये डीएचबीवीएन के खाते में जमा नहीं कराता था। इस तरह उसने 19.37 लाख रुपये का गबन किया।
यह जानकारी सामने आने के बाद एसडीओ ने आरोपित के खिलाफ तिगांव थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया।
आरोपित का ट्रांसफर सिरसा कर दिया। आरोपित ने सिरसा में ड्यूटी ज्वाइन नहीं की और फरार हो गया। तभी से
पुलिस आरोपित की तलाश कर रही थी। अब पुलिस आयुक्त ने मामले की फाइल क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 को सौंपी।
क्राइम ब्रांच प्रभारी ब्रह्मप्रकाश, एसआइ सुरेश,
हवलदार दिनेश और सिपाही राहुल की टीम ने आरोपित को सेक्टर-
23 से दबोच लिया।
आरोपित ने सबूत मिटाने के लिए कैश बुक गायब की हुई है। यह कैश बुक बरामद होनी बेहद
जरूरी है।
इसकी बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच ने अदालत से आरोपित की रिमांड मांगी। अदालत ने उसे दो दिन
की रिमांड पर सौंपा है।
शुरुआती पूछताछ में आरोपित ने बताया है कि जल्दी अमीर बनने के चक्कर में उसने यह
गबन किया।

