देहरादून। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विसिलेंस ने घंटों पूछताछ के बाद देर रात रामविलास यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
बताते चलें कि हाईकोर्ट के आदेश पर रामविलास यादव बुधवार दोपहर को विजिलेंस के समक्ष पेश हुए थे। विजिलेंस ने उनसे देर रात तक पूछताछ की गयी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले
में चल रही जांच में सहयोग न करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने आईएएस रामविलास यादव को निलंबित कर दिया था। इस बीच नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पररामविलास यादव बुधवार को देहरादून में विजिलेंस के
समक्ष पेश हुए। जहां उनसे देर रात पूछताछ चली। रामविलास यादव वर्तमान में उत्तराखंड शासन में समाज कल्याण और कृषि विभाग में अपर सचिव हैं। विजिलेंस अधिकारियों ने उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उनके
दस्तावेज का सत्यापन किया गया और तकरीबन 100 से अधिक सवाल किए गए। कुछ पर यादव चुप्पी साध गए तो कुछ पर टीम को इधर-उधर की बातों में उलझाने का प्रयास किया।
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड आए आईएएस रामविलास यादव के खिलाफ विजिलेंस ने ढाई साल पहले खुली जांच शुरू की थी। इस दौरान उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन वह विजिलेंस के सामने नहीं आए।
विजिलेंस ने उनसे कार्यालय में ही पूछताछ करने को कहा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लगभग 12 लोगों की टीम ने उनके निवास और कार्यालय में जाकर साक्ष्य जुटाए थे। अप्रैल 2022 में रामविलास यादव के खिलाफ आय से अधिक
संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। विजिलेंस ने गत वर्ष सितंबर में अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसमें आंकलन था कि रामविलास यादव के पास उनके ज्ञात आय के स्रोतों से 547 फीसदी अधिक संपत्तियां हैं।
मुकदमे के बाद विजिलेंस ने उनके लखनऊ, गाजीपुर और देहरादून स्थित आवासों पर छापे मारे। यहां से महत्वपूूर्ण दस्तावेज हासिल किए गए। इसके बाद रामविलास यादव हाईकोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।

