एटा के सहयोग द्वारा बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान मेरठ द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका विषय ‘‘ निर्यात हेतु प्राकृतिक खेती आधारित बासमती चावल उत्पादन’’ इस कार्यशाला में विभिन्न गाॅवों के 215
कृषकों ने प्रतिभाग किया। प्रधान वैज्ञानिक डा0 रितेश शर्मा, बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान मेरठ, ने किसानों को धान की फसल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए उन्होने बताया कि घरेलू तरीकों का प्रयोग करते हुए कम खर्चे में
किसान भाई धान के बीज बनाने के उपाय की विस्तृत जानकारी दी तथा किसान भाई कृषि वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार ही धान की फसलों में उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग करें। जिससे कि धान की फसल में अधिक उत्पादन मिल सकें
साथ ही मण्डियों में किसान भाईयों को अच्छी धनराशि प्राप्त हो सके तथा किसान भाई धान की पौध में शाम को ही पानी लगायें। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हैड़ डा0 मनीष सिंह द्वारा केन्द्र की गतिविधियों का विस्तार से विवरण प्रस्तुत किया। प्रो0
विजय श्रीवास्तव, प्राचार्य, आर0बी0एस0 कालेज, आगरा ने कृषि विज्ञान केन्द्र, की सार्थकता धरातल पर कार्य करते रहना है जिससे हमारे किसान बन्धु लाभान्वित होते है। किसानों से अनुरोध किया कि बासमती धान की गुणवत्ता एवं उपज को
बढ़ाने में ध्यान दिया जायें जिससे हमारा एटा जिले के किसान भाई भी बड़ा निर्यातक बन सकते है। रोहित शर्मा, करनाल ने किसानों को यह बताया कि ग्राहक को कौन से धान के चावल की आवश्यकता है
ग्राहकों के अनुसार किसान भाई अपने खेत में धान का उत्पादन करें इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस
कार्यक्रम में श्री भानुप्रताप सिंह, सचिव, प्रबन्ध समिति आर0बी0एस0 कालेज ने किसानों ने अपने अमूल्य समय में से समय निकालकर इस एक दिवसीय कार्यशाला में

