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सुकमा, 06 अगस्त ( छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के एक गांव के निवासियों ने दावा
किया है कि पिछले तीन वर्षों में अज्ञात बीमारी के कारण 61 लोगों की मौत हुई है।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद
जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत रेंगडगट्टा गांव में ग्रामीणों ने दावा किया है कि पिछले तीन वर्षों में अज्ञात
बीमारी के कारण 61 लोगों की मौत हुई है। गांव में 130 ​परिवार हैं तथा गांव की आबादी लगभग एक हजार है।

हालांकि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच से जानकारी मिली है कि गांव में पिछले तीन
वर्ष के दौरान बीमारियों और प्राकृतिक कारणों तथा अन्य कारणों से 47 लोगों की मौत हुई है।

ग्रामीणों ने 27 जुलाई को सुकमा कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें दावा किया गया था कि गांव में वर्ष
2020 से अब तक हाथ-पैर में सूजन के लक्षण वाले 61 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें युवक और युवतियां भी

शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मौतों को रोकने तथा समस्या के समाधान के लिए

चिकित्सकों का एक दल गांव भेजने की
मांग की थी।

सुकमा जिले के कलेक्टर हरीश एस ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद पिछले
सप्ताह स्वास्थ्य कर्मचारियों और अन्य विशेषज्ञों की एक टीम वहां भेजी गई थी।

कलेक्टर ने बताया, ‘प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि पिछले तीन वर्षों में उस गांव में 47 लोगों की मौत हुई
थी, लेकिन उन सभी की मौत एक ही कारण से नहीं हुई है, जैसा कि स्थानीय लोगों ने दावा किया है।’

उन्होंने बताया कि कुछ मृतकों के शरीर पर सूजन थी और यह विभिन्न कारणों से हो सकता है। कलेक्टर ने कहा

कि जल स्रोतों के नमूनों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार दो जल स्रोतों में फ्लोराइड का स्तर सीमा से अधिक था,
जबकि कुछ जल स्रोतों में लौह तत्व अधिक था।