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अमृतसर, 13 अगस्त  शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सजा की अवधि पूरी कर चुके
सिख कैदियों को जेल से रिहा करने की मांग करते हुए यहां शनिवार को प्रदर्शन किया।

इस संबंध में उपायुक्त को
एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में आज सुबह, बड़ी संख्या में एसजीपीसी के सदस्यों और
कर्मचारियों ने स्वर्ण मंदिर के बाहर गोल्डन प्लाजा से एक विरोध मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारियों ने काली पगड़ी
बांधी हुई थी और ‘बंदी सिखों’ को तत्काल रिहा करने की मांग को लेकर तख्तियां ले रखी थीं।

शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए मार्च उपायुक्त कार्यालय पहुंचा, जहां उपायुक्त की ओर से सब डिविजनल
मजिस्ट्रेट ने एक ज्ञापन स्वीकार किया।

एसजीपीसी सचिव कुलविंदर सिंह रामदास ने कहा कि ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित किया गया है।

धामी ने कहा कि एसजीपीसी ने प्रदर्शन करने का निर्णय 10 अगस्त को लिया था। उन्होंने कहा कि देश की
आजादी के लिए बलिदान देने वालों में से 80 प्रतिशत से ज्यादा सिख थे लेकिन उन्हें पिछले 75 साल से

नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘बंदी सिख पिछले तीस साल से जेल में बंद हैं जहां वे अपनी उम्रकैद से
ज्यादा सजा काट चुके हैं।’’