नोएडा, 18 अगस्त (ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के दिन करीब 101 मीटर ऊंचाई से मलबा जमीन पर
आकर गिरेगा। इससे बड़े स्तर पर कंपन होने का अंदेशा है।
कंपन स्तर कम करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए
गए है। इसी क्रम में 25 जगह मलबे के ढेर लगाए जाएंगे।
एक ढेर की लंबाई करीब पांच फिट की होगी। इनके
ऊपर ही बाकी मलब आकर गिरेगा।
इन टावर में विस्फोटक लगाने का काम तेजी से चल रहा है। करीब 29 मंजिल बने सियान टावर में विस्फोटक
लगाने का अधिकांश काम एडीएफाइस एजेंसी ने मंगलवार को पूरा कर लिया था। बुधवार को बचा हुआ काम भी
पूरा कर लिया गया। ऐसे में अब सियान टावर में पूरी तरह विस्फोटक लग गया है। बुधवार को एपेक्स टावर में
काम चला। शाम तक इस टावर की पांच मंजिल पर विस्फोटक लगाने का काम पूरा कर लिया गया। बुधवार को दो
मंजिल पर विस्फोटक लगाया गया।
एडीफाइस एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि अधिकतम 24 अगस्त तक विस्फोटक लगाने का काम पूरा कर
लिया जाएगा। ऐसे में 28 अगस्त को दोपहर ढाई बजे ट्विन टावर ध्वस्तीकरण किया जाना लगभग तय हो चुका
है। ध्वस्तीकरण को लेकर एजेंसी ने तैयारी कर रही है। तैयारी के दौरान सामने आया कि 32 और 29 मंजिल से
मलबा गिरने से जमीन पर कंपन स्तर काफी अधिक हो सकता है। इसको देखते हुए 25 जगह मलबे के ढेर लगाए
जाएंगे। ये बेसमेंट के साथ-साथ टावर के चारों तरफ लगाए जाएंगे। इसका काम शुरू कर दिया गया है। यह डेढ़
मीटर लंबे और नीचे की तरफ करीब ढाई मीटर चौड़े होंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह काम 28 अगस्त से पहले
पूरा कर लिया जाएगा।
प्लास्टर में दरार का अंदेशा
एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि 10 अप्रैल को हुए टेस्ट ब्लास्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ध्वस्तीकरण वाले दिन
कंपन 34 एमएम प्रति सेकेंड स्तर पर रहने की संभावना है जबकि जोन-5 में सभी स्ट्रक्चर 300 एमए प्रति सेकेंड
के मानकों के अनुरूप डिजाइन किए जाते हैं। इससे 10 मीटर दायरे में सिर्फ प्लास्टर में क्रेक आ सकता है और
कोई नुकसान नहीं होगा।

